लूट की योजना बना रहे बदमाशों और पुलिस की मुठभेड़ के बाद छह बदमाश पुलिस के हत्थे चढ़ गए। आपसी गोलीबारी में तीन पुलिस कर्मचारी बाल-बाल बच गए। पुलिस ने आरोपियों से बड़ी मात्रा में हथियार बरामद करने के साथ ही लूटपाट के कई मामलों का खुलासा किया है।
तीन आरोपी आधा दर्जन से अधिक आपराधिक गतिविधियों में वांछित हैं। आरोपियों को पुलिस ने अदालत में पेश किया। अदालत ने गिरोह के सरगना अजय यादव को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, जबकि अन्य को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक अनिल धवन के नेतृत्व में सीआईए टीम के इंचार्ज दिलीप सिंह ने टीम गठित पर बीड़ में छापामारी की तो वहां पहले से मौजूद छह युवक लूटपाट और डकैती की योजना बना रहे थे। पुलिस ने जैसे ही उनको पकड़ने का प्रयास किया तो आरोपियों ने फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की तो बदमाश भागने लगे। पुलिस ने आरोपियों को चारों तरफ से घेरकर गिरफ्तार कर लिया।
उनके कब्जे से एक पिस्तौल, दो कारतूस, एक मैगजीन, एक डंडा, एक पाइप, एक लोहे का रॉड और एक बैटरी बरामद की है।
पकड़े आरोपियों की पहचान जौनपुर (यूपी) हाल आबाद जोगेंद्र नगर जींद निवासी अजय यादव, ओमनगर निवासी राकेश उर्फ छोटू, गांव करसोला निवासी दीपक, विकास, अपराही मोहल्ला जींद निवासी दीपक उर्फ जोनी, जींद निवासी नवीन उर्फ मुन्ना के रूप में हुई। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया है कि गत छह मई को मिल्क प्लांट से रुपये लेकर आ रहे कैश मैनेजमेंट कंपनी के कर्मचारी विनोद से 13 लाख 71 हजार रुपये की नकदी लूटी थी। इसके अलावा जुलाना के एमएसीआई स्कूल के संचालक अरुण सिंघल पर भी गोली चलाकर हत्या का प्रयास के अलावा दो अन्य वारदातों को अंजाम दिया था।
गिरोह का सरगना है अजय यादव
पुलिस द्वारा पकड़े गिरोह का मुख्य सरगना यूपी जौनपुर वर्तमान निवासी जोगेंद्र नगर जींद का अजय यादव है। अजय ने करीब सात साल पहले अपराध की दुनिया में कदम रखा। उसने 18 अक्टूबर 2007 में रोहतक की शिवाजी कॉलोनी में लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। उसके बाद 22 अक्टूबर 2007 को लूटपाट की योजना बनाते पकड़ा गया। इसके बाद 16 अप्रैल 2009 को उसके खिलाफ चोरी का मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद इसके गिरोह में लूटपाट, जानलेवा हमले में वांछित आरोपी ओमनगर जींद निवासी राकेश कुमार उर्फ छोटू और अपराही मोहल्ला जींद निवासी दीपक उर्फ जोनी भी शामिल हो गए। इसके बाद तीन अन्य आरोपियों को मिलाकर जींद शहर में लूटपाट और जानलेवा हमला करने की वारदातों को अंजाम देने लगा।