38-खेड़ी साध में ललित शेरावत का स्वागत करते ग्रामीण व परिजन। स्रोत : ग्रामीण
- फोटो : इकौना स्थित श्रावस्ती फिलिंग सेंटर पर बिना भीड़ बाइक सवारों को पेट्रोल देता कर्मी।
रोहतक। एशिया चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर खेड़ी साध में पहुंचे ललित शेरावत का भव्य स्वागत किया गया। ललित शेरावत ग्रीको रोमन कुश्ती में आधा दर्जन से अधिक मेडल जीत चुके हैं। मास्टर जोगिंदर के परिवार ने ललित शेरावत को अंतरराष्ट्रीय पहलवान बनाया है।
जोगिंदर के परिवार ने पानीपत के करहंस गांव के ललित का 6 साल की उम्र में पालन पोषण किया। अब वह 55 किलो ग्राम भर में ग्रीको रोमन कुश्ती खेल कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आधा दर्जन मेडल जीत चुका है। पहलवान ललित शेरावत का कहना है कि अब मास्टर जोगिंदर ही का परिवार ही उनका परिवार है। यही उनके मां-बाप हैं।
पहलवान ललित शेरावत ने बताया कि बचपन में ही मां-बाप का सुख प्राप्त नहीं हुआ। जब लगभग 6 वर्ष की आयु में वह झज्जर गुरुकुल में पढ़ रहे थे तो सगे संबंधियों ने उनका खर्चा उठाने के लिए मना कर दिया। उस समय मास्टर जोगिंदर ने उनकी मदद की।