संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। गणतंत्र दिवस पर देश की राजधानी दिल्ली में आतंकी हमले की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार खालिस्तानी समर्थक कुलदीप उर्फ कालू (36) का परिवार सदमे में है। परिवार किसी से बातचीत नहीं कर रहा है। कोई बात करने की कोशिश करता है तो उनकी आंखें नम हो जाती हैं। परिवार के सदस्य हाथ जोड़कर खड़े हो जाते हैं और चुप्पी साध लेते हैं।
पंजाब पुलिस ने गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में धमाके की योजना बनाने के आरोप में मोहाली में चार युवकों पर एफआईआर दर्ज की थी। आरोपियों से पूछताछ में कुलदीप का नाम सामने आया था। इस पर मोहाली (पंजाब) की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल थाना पुलिस ने नौ जनवरी को पूछताछ के लिए सफीदों के वार्ड नंबर पांच निवासी कुलदीप को मोहाली बुलाया था।
कुलदीप ने अपने फेसबुक पेज पर खालिस्तानियों के पेज फॉलो कर रखे थे। उनके नंबरों से संबंधित डीपी भी फेसबुक पेज पर लगाई थी। पुलिस ने दावा किया था कि कुलदीप ने पाकिस्तान में बैठे बांग्लादेशी कट्टरपंथियों के साथ मिलकर दिल्ली में धमाके की साजिश रची थी। अभी फिलहाल कुलदीप पंजाब की रोपड़ जेल में बंद है।
ताऊ ने जोड़े हाथ...बोले-इस बारे में न करें बात : वीरवार को मीडिया के सदस्य जब ताऊ सरजीत के घर पहुंचे तो उन्होंने कुलदीप के बारे में कुछ भी बात करने से मना कर दिया। जब उनसे एक-दो सवाल पूछे गए तो उनकी आंखें नम हो गईं। हाथ जोड़कर विनती करते हुए बोले-इस बारे में कोई बात न करें।
कुंडी खटकाते ही सहम जाते हैं परिवार के सदस्य :
कुलदीप के रोपड़ जेल में शिफ्ट होने के बाद से परिवार के सदस्य किसी भी अंजान व्यक्ति को घर के बाहर देखकर सहम जाते हैं। जब भी कोई उनके घर की कुंडी खटकाता है तो परिवार के सभी सदस्य एक साथ खड़े होकर देखने लगते हैं कि कौन आया है। परिवार के सभी सदस्य तरह-तरह की बातें सुनकर परेशान से हो गए हैं। परिजनों की आंखों में दर्द साफ नजर आता है।