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आजाद किसान मिशन ने किया डीसी कैंप ऑफिस पर प्रदर्शन

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डीसी कैंप ऑफिस के बाहर नारेबाजी करते किसान। - फोटो : bureau
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स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करवाने व अन्य मांगों को लेकर आजाद किसान मिशन के अध्यक्ष संदीप भारती व अन्य लोग डीसी कैंप ऑफिस पर गिरफ्तारी देने पहुंचे। किसान कहते रहे कि उन्होंने धारा 144 का उल्लंघन किया है, उन्हें गिरफ्तार किया जाए, लेकिन जिला प्रशासन की तरफ से गिरफ्तारी के लिए कोई नहीं आया। जिला प्रशासन द्वारा गिरफ्तारी लेने से मना करने पर संदीप भारती अपने साथ आए लोगों के साथ डीसी कैंप ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए और करीब एक घंटे तक डीसी कैंप ऑफिस पर हाईवोल्टेज ड्रामा चला। जिला प्रशासन द्वारा गिरफ्तारी नहीं लिए जाने के बाद आंदोलनकारी वापस लौट गए। आजाद किसान मिशन द्वारा जाट धर्मशाला में शनिवार को किसानों से संबंधित मांगों को लेकर महापंचायत बुलाई गई थी। पंचायत में काफी कम संख्या में ही लोग पहुंचे। वहीं मिशन के अध्यक्ष संदीप भारती के अनुसार जिला प्रशासन ने भी जिले में धारा 144 लागू होने का हवाला देते हुए बैठक नहीं करने की अनुमति दी। इसके बावजूद आजाद किसान मिशन की जाट धर्मशाला में बैठक हुई और इसके बाद संदीप भारती बैठक में मौजूद लोगों के साथ प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। शनिवार को अवकाश होने की वजह से लघु सचिवालय बंद मिला। इसके बाद संदीप भारती लोगों के साथ डीसी कैंप ऑफिस पहुंच गए और यहां पर नारेबाजी करते हुए संदीप भारती, जितेंद्र क्रांति, जयप्रकाश मलिक, बलवंत समेत पांच लोगों ने गिरफ्तारी देने की मांग की। यहां पर गिरफ्तारी लेने के लिए कोई नहीं आया, तो उन्होंने डीसी कैंप ऑफिस के बाहर ही धरना शुरू कर दिया। मिशन के अध्यक्ष संदीप भारती ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन किसानों के मुद्दों को दबाना चाहती है। इसलिए जिला प्रशासन ने उनकी गिरफ्तारी लेने से मना कर दिया। बीजेपी ने सत्ता में आने से पूर्व एक कलम से स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने व किसानों पर दर्ज सभी केस वापस लेने का वायदा किया था। सत्ता में आने के बाद बीजेपी ने कृषि मंत्री ओपी धनखड़ व बीजेपी के किसान मोर्चा के लोगों पर दर्ज केस ही वापस लिए गए। अब बाकी जिन लोगों पर केस दर्ज हैं, उनको सरकार द्वारा अदालत द्वारा पीओ घोषित करवाया जा रहा है। सरकार की मंशा स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने की नहीं है। उन्होंने कहा कि जाट समुदाय के आंदोलन के बाद दोबारा अभियान शुरू किया जाएगा।
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किसानों से नहीं मिले डीसी
जिले में जाट आंदोलन को लेकर धारा 144 लागू की गई है, जिसमें पांच या पांच से ज्यादा लोगों के इक्कट्ठा होने पर रोक है। संदीप भारती व साथ आए किसान गिरफ्तारी देने के लिए कैंप ऑफिस में डीसी से मिलने पहुंचे। कैंप कार्यालय में बैठे कर्मचारियों ने बताया कि डीसी यहां नहीं हैं और गिरफ्तारी देनी है, तो एसडीएम के पास जाओ। इसके बाद डीसी कैंप ऑफिस से अपनी गाड़ी में बैठे और शीशे चढ़ाकर वहां से निकल गए और किसानों से नहीं मिले। किसान दोहराते रहे कि उन्होंने धारा 144 का उल्लंघन किया है, इसलिए उन्हें गिरफ्तार किया जाए। किसानों द्वारा हंगामा करने के बावजूद गिरफ्तारी के लिए कोई नहीं आया।
 मुख्य मांगें
1. बीजेपी ने सत्ता में आने से पूर्व एक कलम से स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने का वादा किया था।
अब बीजेपी को सत्ता में आए दो साल हो चुके हैं। स्वामीनाथन आयोग की जो सिफारिश है, उसके अनुसार प्रति फसल 25 हजार रुपये किसानों के सरकार की तरफ निकलते हैं। ऐसे में चार फसलों का दो लाख रुपये प्रति एकड़ बनता है। सरकार इस राशि से किसानों के बैंकों का कर्ज वापस ले।
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2. किसानों पर दर्ज केस वापस लेने का वादा किया था, लेकिन बीजेपी नेताओं पर दर्ज केस ही वापस लिए गए। किसानों पर दर्ज झूठे मुकदमे तुरंत प्रभाव से वापस लिए जाएं।
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वर्जन
मैं आज छुट्टी पर हूं। यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है, इसलिए कुछ नहीं बता सकता।
- योगेश कुमार महता, एसडीएम जींद।
 
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