जिला कारागार में बंदियों के लिए विशेष स्किल कोर्स शुरू किए जाएंगे। इनमें महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कोर्सों को तैयार किया गया है। इसके तहत ब्यूटी पार्लर, कटिंग एडं टेलरिंग, डाटा एंट्री ऑपरेटर, कंप्यूटर, एसी, मोटर साइकिल रिपेयरिंग, प्लंबर के छह महीने के कोर्स करवाएं जाएंगे। जिला जेल अधीक्षक डॉ. हरीश कुमार रंगा ने कहा कि आईटीआई के अंतर्गत जींद कारागार में बंदियों के लिए छह महीने के कई कोर्स चलाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुधार घर को नशा मुक्त व पालीथिन मुक्त बनाया गया है। पालीथिन मुक्त बनाने का मक्सद यह भी है कि प्रयोग कर चुके समाचार पत्रों के लिफाफे बनाने व जूट के बैग बनाने के कार्य बंदी करेंगे।
लगेगा बायोगैस प्लांट
रंगा के अनुसार जिला कारागार में बायो गैस प्लांट लगाने की योजना है। इससे खाना बनाने में इसका प्रयोग किया किया जा सकेगा। इससे जेल को आर्थिक लाभ भी होगा।
बंदियों के लिए विशेष कोर्स की योजना बनाई गई है। जेल मे रहते ये लोग अपनी स्किल को सुधारेंगे और बाहर जाने के बाद आसानी से अपनी जिंदगी चला सकेंगे।
- डॉ. हरीश कुमार रंगा, जिला कारागार अधीक्षक।