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किसान आंदोलन : खटकड़ टोल पर प्रार्थना में उठे हाथ, इबादत में झुके सिर

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स्कूटी रैली के दौरान महिलाएं। संवाद - फोटो : Jind
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जींद/नरवाना/उचाना। कृषि कानूनों के विरोध में जिले के खटकड़ व बद्दोवाल टोल पर किसानों का धरना जारी है। खटकड़ टोल पर रविवार को सर्व धर्म सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान सभी धर्मों के लोगों ने एक साथ अपने-अपने तरीके से भाईचारा बढ़ाने के लिए प्रार्थना की। किसानों ने एक सुर में कहा हम सब एक हैं और एक साथ हैं। वहीं, बद्दोवाल टोल से नरवाना तक महिलाओं ने स्कूटी यात्रा निकाली। इस दौरान रास्ते में जब जजपा विधायक एवं खादी ग्रामोद्योग के चेयरमैन रामनिवास सूरजाखेड़ा का कार्यालय खुला दिखा तो महिलाओं ने नारेबाजी की। स्कूटी रैली को अग्रवाल वैश्य व अग्रोहा धाम इकाई नरवाना की महिला अध्यक्ष प्रियंका गोयल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि एमएसपी किसानों का अधिकार है और सरकार को यह अधिकार देना पड़ेगा।
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किसानों का कहना है कि कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग के लिए जो आंदोलन किसान कर रहे हैं, उस आंदोलन में तेजी लाते हुए सर्वधर्म सम्मेलन का आयोजन किया है। सम्मेलन की अध्यक्षता सर्व जातीय खेड़ा खाप के प्रधान सतबीर पहलवान बरसोला ने की। किसान नेता आजाद पालवां ने कहा कि सर्व धर्म सम्मेलन का किसान धरने पर आयोजन करके किसानों ने संदेश दिया कि हम सब एक हैं। सरकार किसानों में फूट डालने की कोशिश न करे। वहीं, उचाना विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष अनुराग खटकड़ ने कहा कि भाजपा की नियत प्रदेश में भाईचारे को खराब करने की है। इसके लिए भाजपा ने अपने मंत्रियों को गांव में भेजकर कृषि कानूनों के बारे में विस्तार पूर्वक बताने के निर्देश दिए हैं। सरकार किसानों में फूट डालने का प्रयास कर रही है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
सहकारी डेयरियों में 100 रुपये प्रति लीटर दूध बेचेंगे किसान
सतबीर पहलवान ने कहा कि किसानों को धरने से आह्वान किया है कि किसान सहकारी डेयरी में अब दूध देेंगे तो 100 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से देंगे। किसानों को भी अपने उत्पादों की कीमत तय करने का अधिकार है। इस मौके पर मौलाना मसाद, परवाना लोहचब, मौलाना साजिद, बलकार दुड़ाना, मालिक चीमा, गुरुदेव सिंह दुड़ाना, अमर सिंह, रमेश निडानी, डॉ. संतोष दहिया, बिजेंद्र सिंधु, राजबाला थुआ, कविता, सिक्किम सफाखेड़ी, अमरजीत खटकड़, जयप्रकाश खटकड़, राकेश खटकड़, रोहताश नगूरां, वीरेंद्र उचाना, भरत सिंह, बिरखा राम मौजूद रहे।
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उचाना खुर्द में सरकारी कर्मचारी की ‘नो एंट्री’
उचाना। उचाना खुर्द गांव की चौपाल में रविवार को पंचायत हुई। इसमें सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि किसी भी सरकारी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी को गांव में नहीं घुसने दिया जाएगा। उचाना खुर्द प्रधान भाकियू अनिल कुमार व प्रवीण कुमार ने कहा कि गांव में हुई पंचायत में फैसला लिया गया है कि गांव में जब तक किसान आंदोलन चलेगा तब तक कोई अधिकारी गांव न आए। इस मौके पर जगदीश, अजमेर सिंह, राजपाल, मोनू, राजेंद्र, बिरेंद्र व सुनील कुमार मौजूद रहे।
अब खुले में नहीं, तंबुओं में खिलाया जा रहा खाना
जींद-पटियाला नेशनल हाईवे पर शुगर मिल के पास पिछले 78 दिन से चल रहे भंडारे में अब दिल्ली जाने वाले किसानों को खुले में नहीं तंबुओं में खाना खिलाया जा रहा है। पहले सर्दी के मौसम को देखते हुए खुले में खाना खिलाया जाता था, अब गर्मी शुरू होने पर तंबू लगाए गए हैं। पंजाब से दिल्ली बॉर्डर पर जाने वाले किसान भी अपने साथ फ्रीज, कूलर व पंखे लेकर जाने लगे हैं। उधर, बद्दोवाल टोल प्लाजा पर हथो गांव की ओर से रविवार को खीर व हलवा वितरित किया गया। आढ़ती एसोसिएशन नरवाना द्वारा एक महीने की रसोई का जिम्मा उठाया है।
नरवाना से मंत्री के निकलने की सूचना मिलते ही घेराव के लिए दौड़े किसान
कृषि कानूनों के विरोध में किसानों द्वारा भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार के मंत्रियों व विधायकों का घेराव किया जा रहा है। कई नेताओं को किसानों के गुस्से का सामना भी करना पड़ा है। रविवार सुबह करीब 11 बजे नरवाना से सरकार के किसी मंत्री के गुजरने की सूचना मिलने पर सैकड़ों किसान काले झंडे लेकर घेराव के लिए दौड़े पड़े, लेकिन उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। हालांकि रविवार अल सुबह हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवर पाल नरवाना मेें आए थे, लेकिन उस समय तक शिक्षा मंत्री जा चुके थे।

खटकड़ टोल पर सर्व धर्म सम्मेलन में पहुंचे सभी धर्मों के लोग एक साथ। संवाद- फोटो : Jind

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