खटकड़ टोल पर केरल से आए प्रतिनिधि मंडल को सम्मानित करते किसान।
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उचाना। खटकड़ टोल के पास चल रहे किसानों के धरने पर केरल के पर्यावरण एवं किसान कार्यकर्ता व लेखक पहुंचे। किसान आंदोलन को लेकर यहां पर चर्चा की गई। केरल से आए प्रतिनिधिमंडल में के. सहदेवन, डॉ. केआर अजीथन, डॉ. स्मिथा व नीतूदास शामिल रहे।
टोल कमेटी प्रधान सतबीर पहलवान बरसोला ने कहा कि खटकड़ टोल के धरने को पूरे देश में पहचान मिली है। जब से यहां पर धरना चल रहा है, यहां पर भारी संख्या में किसान मौजूद रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां पर निरंतर केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ संयम और अनुशासन से विरोध और प्रदर्शन किए गए। वहीं महापुरुषों की जयंती व पुण्यतिथि भी यहां पर मनाई जा रही हैं। यहां पर किसी भी राजनीति पार्टी के नेता को मंच या माइक नहीं दिया जाता है। यहां पर मंच व माइक सिर्फ किसान व मजदूर के लिए है। किसानों द्वारा शुरू किया गया आंदोलन जन आंदोलन बन चुका है। इस आंदोलन की जीत की पहली सीढ़ी हम चढ़ चुके हैं। केंद्र सरकार कृषि कानूनों को रद्द करेगी। साथी ही पराली जलाने को लेकर जो कानून व जुर्माना केंद्र सरकार द्वारा तय किया था वह भी रद्द किए जाने की जानकारी मिली है। किसान व मजदूर की एकता की सबसे बड़ी जीत तब होगी, जब एमएसपी पर कानून केंद्र सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि किसान व मजदूर अपना हक मांग रहे हैं। एमएसपी पर कानून बनेगा तो किसान आर्थिक रूप से मजबूत होगा। कानून रद्द होने से मंडी खत्म नहीं होगी, जिससे मजदूरों को जो बेरोजगार होने का डर था, वह दूर होगा। केंद्र सरकार अगर किसान हितैषी है तो वह स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करें, ताकि किसान आर्थिक रूप से मजबूत बने।