जुलाना। करसोला गांव की बेटी पूजा लाठर को बचपन में पढ़ाई के साथ कबड्डी का शोक भी हुआ था। इसमें परिजनों ने तो खूब साथ दिया, लेकिन समाज में बेटियों को इस खेल के प्रति नराजगी से देखा जाने लगा, लेकिन पूजा लाठर के परिजनों ने बेटी पर गर्व किया और उसका सहयोग किया। बाद में पूजा ने कबड्डी में अल पहचान बनाई तो गांव को भी गर्व हुआ।
पूजा ने खेलो इंडिया में 2024 में भाग लेकर हरियाणा की टीम में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए टीम को जीत दिलाई। सातवीं कक्षा से कबड्डी खेलना शुरू करने वाली पूजा ने कड़ी मेहनत और अनुशासन के बल पर अपनी पहचान बनाई। लगातार अभ्यास और खेल के प्रति समर्पण ने उन्हें खेल कोटे से सीमा सुरक्षा बल में भर्ती होने का अवसर दिलाया। अब पूजा बॉर्डर पर देश की सेवा करेगी। उनकी इस उपलब्धि से गांव ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की बेटियों को प्रेरणा मिलेगी कि मेहनत और आत्मविश्वास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। गांव के लोगों ने पूजा की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्त्रोत बनेगी। पूजा के पिता सतीश एक छोटे किसान हैं और माता कृष्णा एक गृहणी हैं। पूरे गांव में पूजा पहली लड़की है जो बीएसएफ में भर्ती हुई हैं। पूजा ने गांव से ही 10 वीं तक पढ़ाई की। उसके बाद पूजा ने मोर माजरा गांव में स्थित आर्य कन्या गुरूकूल से 12 वीं की परीक्षा पास की और खेलों में भाग लेकर गांव का नाम रोशन किया।
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23जेएनडी46:पूजा लाठर। परिजन