जींद। जिले के बीबीपुर गांव की खिलाड़ी काजल सैनी ने अपने संघर्ष और मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। काजल ने बताया कि उन्होंने सातवीं कक्षा में ही खेलों की दुनिया में कदम रखा। महाराजा अग्रसेन स्कूल में संतोष डीपीई ने उन्हें हैंडबॉल खेलने के लिए प्रेरित किया। यहीं से उनके खेल जीवन की शुरुआत हुई।
काजल बताती हैं कि शुरुआती दौर में ही उनके अंदर छिपी प्रतिभा को कोच राजेंद्र सिंह डीपीई ने पहचाना। कोच ने उन्हें न केवल तकनीकी रूप से मजबूत किया बल्कि उनके माता-पिता से संपर्क कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी किया। अगर उस समय मुझे सही मार्गदर्शन नहीं मिलता तो शायद मैं यहां तक नहीं पहुंच पाती।
काजल ने बताया कि उन्होंने 2016 में फुटबॉल से भी खेल जीवन की शुरुआत की थी और पहले ही साल उनका चयन नेशनल स्तर पर हो गया। तेलंगाना में आयोजित प्रतियोगिता में उनकी टीम ने तीसरा स्थान हासिल किया। आगे चलकर गोपाल विद्या मंदिर में भी उन्हें बेहतर प्रशिक्षण मिला और फिर कोच चिराग ने उनके खेल को और निखारने का काम किया।
उन्होंने 2025 में हाथरस उत्तर प्रदेश में आयोजित 53वीं सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता। वहीं 2026 में बरेली में हुई 54वीं सीनियर नेशनल में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
इसके अलावा नागपुर में आयोजित हैंडबॉल प्रो लीग में लखनऊ लायनेस टीम की ओर से खेलते हुए गोल्ड मेडल जीता। काजल सैनी कहती हैं कि उनके माता-पिता और कोचों के सहयोग से ही यह सफलता संभव हो पाई है।