जींद। रेल यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था देखते हुए जीआरपी थाना जींद का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब जीआरपी थाना जींद की सीमाएं जाखल स्टेशन तक होंगी।
एसपी जीआरपी के आदेशों पर जारी पत्र के बाद जींद थाने के अधीन टोहाना और जाखल रेलवे स्टेशन को शामिल कर लिया गया है। इस फैसले से रेलवे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई में मदद मिलेगी।
अभी तक फतेहाबाद जिले के टोहाना और जाखल जीआरपी चौकी हिसार थाना के अधीन आते थे। यह क्षेत्र अलग-अलग थानों के अधीन होने के कारण कई बार घटनाओं की जांच और कार्रवाई में सीमा विवाद हो जाता था।
अक्सर टोहाना-नरवाना स्टेशन के बीच होने वाली घटनाओं में दोनों थाने अधिकार क्षेत्र को लेकर उलझे रहते थे, जिससे कार्रवाई प्रभावित होती थी। अब जीआरपी जींद के अधिकार क्षेत्र में जाखल स्टेशन आने से विवाद की समाप्त हो जाएगा। लंबे समय से क्षेत्र में इस तरह के बदलाव की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। बढ़ते रेल यातायात और घटनाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
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छेड़खानी के डर से चलती ट्रेन से कूद गई थी महिला
साल 2023 में टोहाना के पास एक महिला छेड़खानी के डर जाखल पैसेंजर ट्रेन से कूद गई थी। वह अपनी अपने नौ वर्षीय बेटे के साथ लाखनमाजरा स्टेशन से शाम को छह बजकर 55 मिनट पर जींद पहुंचने वाली जाखल पैसेंजर में सवार हुई थी। जब ट्रेन कालवन पहुंची तो महिला की बोगी में शराब के नशे में धुत युवक भी चढ़ गया था। महिला को अकेला देखकर वह छेड़छाड़ करने लगा। छेड़छाड़ डर से महिला चलती ट्रेन से कूद गई थी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इस मामले में आरोपी को उम्रकैद की सजा हुई थी।
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हिसार जीआरपी थाना का ज्यादा था दायरा
जीआरपी हिसार थाना का एरिया बड़ा था। हिसार से जाखल की दूरी 90 किमी. है वहीं हिसार से जाखल के लिए ट्रेन की सीधी सेवा भी नहीं है। यदि जाखल के आसपास कोई वारदात हो जाती थी तो हिसार से आने में करीब दो घंटे लगते थे। वहीं जींद से जाखल के लिए रेलवे का सीधा संपर्क है। दोनों स्टेशन दिल्ली-बठिंडा रेललाइन पर पड़ते हैं। ऐसे में सुबह-शाम एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों की सुविधा है।
वर्जन
टोहाना और जाखल को जीआरपी थाना जींद के अधीन कर दिया है। पहले यह हिसार थाना के अधीन थे और हिसार थाना का दायरा भी ज्यादा था।
-नीकिता गहलोत, एसपी, जीआरपी अंबाला