जींद। जिले के सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए जुलाई माह का मिड-डे मील मेन्यू जारी कर दिया गया है। इस बार मेन्यू को केवल भोजन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रखा गया बल्कि बच्चों को संतुलित पोषण, पर्याप्त ऊर्जा और भोजन में विविधता देने पर विशेष ध्यान दिया गया है। जिले के करीब 60 हजार विद्यार्थी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।
शिक्षा विभाग की ओर से तैयार किए गए साप्ताहिक मेन्यू में दाल, चावल, मिलेट, हरी सब्जियां, दही और विभिन्न प्रकार के पौष्टिक व्यंजनों को शामिल किया गया है। सप्ताह के अलग-अलग दिनों में बच्चों को अलग-अलग भोजन परोसा जाएगा ताकि एक जैसा भोजन मिलने से उनकी रुचि कम न हो और आवश्यक पोषक तत्व भी पर्याप्त मात्रा में मिल सकें।
मेन्यू में राजमा-चावल, कड़ी-पकोड़ा चावल, गुड़-रोटी के साथ दही, सोया खिचड़ी, मीठा दलिया, चना-चावल, चना दाल खिचड़ी और मिस्सी रोटी जैसे व्यंजन शामिल किए गए हैं। विभाग का मानना है कि इन खाद्य पदार्थों से बच्चों को प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, फाइबर और अन्य जरूरी पोषक तत्व मिलेंगे, जिससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होगा।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार संतुलित भोजन मिलने से विद्यार्थियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी, कुपोषण की समस्या में कमी आएगी और पढ़ाई के दौरान उनकी एकाग्रता व सक्रियता भी बढ़ेगी। विविध भोजन मिलने से स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है। विभाग ने सभी विद्यालयों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार ही भोजन तैयार कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण स्तर की नियमित निगरानी भी की जाएगी, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी को तय मानकों के अनुरूप पौष्टिक भोजन मिल सके।
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जुलाई माह के लिए मिड-डे मील का मेन्यू जारी कर दिया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों को संतुलित पोषण उपलब्ध कराना, कुपोषण को कम करना और उनके स्वास्थ्य व शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार लाना है। सभी स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता की नियमित निगरानी भी की जाएगी।
- महेंद्र सिंह, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जींद