जींद। जिले में खुले, अधूरे और लंबे समय से बंद पड़े बोरवेलों से संभावित हादसों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने सभी विभागों, नगर निकायों और ग्राम पंचायतों के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे बोरवेल और ट्यूबवेल की पहचान कर उन्हें तुरंत सुरक्षित तरीके से बंद कराने के निर्देश दिए हैं।
डीसी ने कहा कि बरसात के मौसम में खुले बोरवेल लोगों, विशेषकर बच्चों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। ऐसे में किसी भी खुले या असुरक्षित बोरवेल को बिना सुरक्षा इंतजाम के नहीं छोड़ा जाए। जहां भी इस प्रकार के बोरवेल मिलें, वहां तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए उन्हें सुरक्षित किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।
उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र का व्यापक सर्वे करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभाग तीन दिन के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय में जमा कराएं। रिपोर्ट में खुले और बंद पड़े बोरवेलों की संख्या व उन्हें सुरक्षित करने के लिए उठाए गए कदमों का विवरण भी शामिल किया जाए। डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्थान पर खुला या असुरक्षित बोरवेल दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत जिला प्रशासन या संबंधित विभाग को दें। प्रशासन समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर ऐसे स्थानों को सुरक्षित करेगा, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। संवाद