पोली गांव में प्रवेश से पहले हैंडवॉश करवाते ग्रामीण।
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सरकार द्वारा प्रदेश को लॉकडाउन करने का अनुपालन जुलाना में पूरी तरह से दिखाई दिया। लोगों ने लॉकडाउन का सहयोग किया। बाजार में केवल दवा और किराना की दुकानें ही खुली रहीं। लॉकडाउन की वजह से किराना की दुकानें भी खाली नजर आई। गांवों में लोग अपने दैनिक कार्य करने के बाद घरों में ही रहना ठीक समझ रहे हैं और यह उनकी अच्छी सोच है। ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए प्रशासन और पंचायत अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं।
पोली गांव के बस स्टैंड पर ग्रामीणों ने लोगों को जागरूक करने के लिए मुहिम चलाई है। बस स्टैंड पर पानी का टैंकर खड़ा करवाया गया है, जिससे गांव में जो भी प्रवेश करता है, उसके हाथों को साबुन और सैनिटाइजर से धुलवाया जा रहा है। वहां पर मौजूद ग्रामीण लोगों को अपने घरों में ही रहने के लिए जागरूक कर रहे हैं। सुबह और शाम को चौकीदार गांव में मुनादी कर लोगों को घर में ही रहने की सलाह देते हैं। लॉकडाउन की वजह से सड़कें भी सुनसान पड़ी हैं। पुलिस ने भी मुश्तैदी दिखाते हुए नाके लगाकर बाइक सवारों की जमकर क्लास ली और चेतावनी दी कि अगर फिर दोबारा से बिना काम घर से निकले तो बाइक जब्त कर ली जाएगी। लोग गांवों में एक साथ हुक्का पीने से तो परहेज कर रहे हैं, साथ ही ताश नहीं खेलने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।
शादी में हो ज्यादा से ज्यादा 15 आदमी : बीडीपीओ
31 मार्च तक होने वाली शादियों के आंकड़े मंगवाने के लिए खंड के सभी गांवों के सरपंचों को निर्देश दिए गए हैं। अब तक 5-6 गांवों की पंचायतों ने आंकड़े दिए हैं। जिन गांवों में शादी होगी उनमें 15 आदमी से ज्यादा इकट्ठे नहीं होने के लिए जागरूक किया जा रहा है। अगर कोई भी गांवों में ज्यादा भीड़ एकत्रित करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
धर्मबीर खर्ब, बीडीपीओ जुलाना।
गांवों में मुनादी करता चौकीदार।- फोटो : Jind
लॉकडाउन के बाद सुनसान पड़ा जुलाना कस्बा।- फोटो : Jind