जींद। जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा देने के लिए निपुण भारत मिशन चलाया जा रहा है। जिले के 423 प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की सीखने की क्षमता में सुधार दर्ज किया गया है। जॉयफुल शनिवार जैसे नवाचार कार्यक्रमों ने पढ़ाई के प्रति बच्चों का नजरिया पूरी तरह बदल दिया है।
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अब बच्चे स्कूलों में पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि एक उत्सव के रूप में मना रहे हैं। राजेश वशिष्ठ ने बताया कि निपुण भारत मिशन का मुख्य उद्देश्य बच्चों में आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान विकसित करना है। विद्यालयों में आयोजित समूह कार्य, रोल प्ले और प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण से बच्चों में नेतृत्व की भावना का विकास हो रहा है।
खेल-खेल में सीखने की इस प्रक्रिया ने रटने की पुरानी पद्धति को खत्म कर सटीक ज्ञान की नींव रखी है। शनिवार के दिन होने वाली विशेष गतिविधियां बच्चों की रचनात्मकता को बाहर लाने का बेहतरीन मंच साबित हो रही है। क्लास रेडिनेस प्रोग्राम में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी है।
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निपुण भारत मिशन के तहत चल रहे इन प्रयासों ने शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर उसे जीवन कौशल, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ दिया है। हर बच्चा आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में अग्रसर है।