कृषि काूननों के विरोध में खटकड़ टोल प्लाजा पर चल रहे किसानों के धरने पर खटकड़ गांव निवासी 55 वर्षीय सतपाल उर्फ पाला ने मंगलवार रात जहर निगलकर आत्महत्या कर ली। धरने के नेताओं ने इसकी सूचना पुलिस को दी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
किसान नेता सतबीर पहलवान ने बताया कि 55 वर्षीय सतपाल पिछले छह महीने से धरने पर ही था। घर पर जरूरी काम होने पर ही जाता था। सतपाल धरने पर आने वाले लोगों को चाय पिलाता था।
सतबीर पहलवान के अनुसार बुधवार सुबह जब किसान धरने पर पहुंचे तो सतपाल का शव बेड पर मिला। उसके पास कीटनाशक की डिब्बी भी पड़ी थी।
सतबीर के अनुसार सतपाल कृषि कानूनों पर सरकार की हठधर्मिता से काफी निराश था। वह कई बार कहता था कि सरकार किसानों को मारने पर तुली हुई है। सतपाल कहता था कि इस जीवन से तो मरना ही अच्छा है।
सतबीर के अनुसार उन्हें लगता है कि इसी के चलते सतपाल ने आत्महत्या की है। सतपाल के दो बेटे हैं, जिनमें से एक कि शादी हुई है। सतपाल तीन एकड़ जमीन का मालिक था लेकिन बरानी होने के कारण इसमें खेती नहीं होती।