धर्मवीर निडाना
जींद। प्रदेश के सबसे बड़े मुर्गी पालन के हब पंचकूला के बरवाला में लाखों की संख्या में मुर्गियां दम तोड़ चुकी है। इससे मुर्गियों में बर्ड फ्लू फैलनी की आहट से जींद का पोल्ट्री उद्योग सहम गया है। हालांकि अभी तक मुर्गियाें की मौत किसी कारण हुई यह पता नहीं चला है और न ही जिले में ऐसा कोई मामला सामने आया है, लेकिन संभावित खतरे को देखते हुए पोल्ट्री व्यवसायी सुरक्षा के उपाय करने में जुट गए हैं। इसके तहत पोल्ट्री फार्मों और हैचरी के आसपास बायो सेफ्टी बढ़ा दी गई है। वहीं कई जगह दवा का छिड़काव कराया गया है।
जींद जिला पोल्ट्री हब माना जाता है। जिले में करीब 500 से ज्यादा पोल्ट्री फार्म हैं, जिनमें 70 लाख से अधिक मुर्गियां पाली जा रही हैं। इसके अलावा 80 हैचरी हैं, इनमें ऐसी मुर्गियों को रखा जाता है जो अंडा देती हैं। इन हैचरी में करीब एक करोड़ ऐसी मुर्गियां हैं। हालांकि जिले में अधिकतर मुर्गी पालन चूजे व चिकन के लिए ही किया जाता है। जिले में पोल्ट्री उद्योग से प्रतिदिन करीब दस करोड़ रुपये का कारोबार होता है।
सावधानी बरतना जरूरी
पशुपालन विभाग के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. राजू शर्मा ने बताया कि आजकल संक्रमण फैलने का खतरा बहुत कम है। अभी तक जिले में ऐसा कोई भी मामला नहीं आया है। इसके बावजूद सावधानी बरती जानी चाहिए। इसके लिए पोल्ट्री कारोबारी अपने फार्म के आसपास बायो सुरक्षा का चक्र बनाएं। बाहर से आने वाली गाड़ियों को भी अच्छे प्रकार से सैनिटाइज कर फार्म में जाने दें। इसके अलावा यदि खुद फार्मर भी बाहर से आता है तो वह भी नहा कर व कपड़े बदल कर फार्म में जाए। फार्म के आसपास चूना का छिड़कवा किया जाना चाहिए। वहीं प्रवेश द्वार पर लाल दवाई का प्रयोग होना चाहिए, ताकि संक्रमण न फैले। वहीं पक्षियों में रोग रोधी शक्ति बढ़ाने के लिए वैक्सीनेशन करें। चिकन खाने वालों को सिर्फ इतनी ही सावधानी बरतनी है कि अच्छे से उबाकर चिकन का प्रयोग करें।
अभी तक जिले में कहीं भी मुर्गियों की मौत का मामला सामने नहीं आया है। इसके बावजूद पूरी तरह से सतर्कता बरती जा रही है। फार्म पर बायो सुरक्षा अपनाई जा रही है। वहीं बारह से आने वाले लोगों को फार्म में प्रवेश नहीं करने दिया जाता। फिलहाल यह पूरी तरह से सुरक्षित है। - बिंटु बिसला, प्रधान ब्रेलर एंड ब्रिडर एसोसिएशन।
एक हजार में से एक से दो मुर्गी की मौत सामान्य
वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. राजू शर्मा के अनुसार सामान्य स्थिति में एक हजार मुर्गियों में से एक-दो की मौत होना कोई चिंता का विषय नहीं होता। सर्दियों में कुछ मुर्गियों की मौत हो भी सकती है। यदि फार्म में काफी संख्या में मुर्गे मरते हैं तो यह चिंता का विषय है और इसकी सूचना तुरंत विभाग को दें।