लितानी रोड पर रेलवे फाटक पर हर समय लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए अंडर पास बनवाने की मांग की है। दो माह के बाद अगर अंडर पास नहीं बना तो कस्बे के लोग रेलवे स्टेशन पर अनशन करेंगे। पुरानी मंडी में दी फूड ग्रेन डीलर एसोसिएशन के प्रधान बलराज श्योकंद की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से हो रही परेशानी से दुकानदारों, वाहन चालकों को निजात दिलाने के लिए अंडरपास के निर्माण दो महीने के अंदर करने की मांग केंद्र और प्रदेश सरकार से की गई। दो महीने के अंदर इसको लेकर कार्रवाई शुरू न होने पर शहर के लोगों के साथ मिलकर अनशन करने का फैसला लिया गया। बलराज श्योकंद ने कहा कि दिल्ली से पंजाब को जाने के लिए रेलवे लाइन का सबसे छोटा रास्ता यहां से होकर गुजरता है। पूरे दिन-रात में यहां से 70 से अधिक ट्रेनें आती-जाती हैं।
पूरे दिन-रात में लगभग 12 घंटे फाटक बंद रहता है। किसी इमरजेंसी में अगर वाहन को जाना हो तो फाटक बंद मिलने का डर हमेशा रहता है। सुबह, शाम को फाटक सबसे अधिक बंद रहता है। इसलिए यहां अंडर पास लोगों की जरूरत है। इस मौके पर बीरेंद्र संदलान, रामनिवास करसिंधू, फुल कुमार शर्मा, ईश्वर, ओमदत्त शर्मा, भूप खटकड़, जितेंद्र श्योकंद, सुरेश उचाना खुर्द, कुलदीप खटकड़, रमेश भौंगरा, चांदी शास्त्री भौंगरा, अशोक सुरबरा, वेद शर्मा, जसबीर कोथ, पारस शर्मा काकड़ोद, शमशेर, रमेश मौजूद रहे।
झरना पुल के पास बने अंडर पास
श्योकंद ने कहा कि रेलवे फाटक से नरवाना की तरफ कुछ दूरी पर झरना पूल के पास अंडर पास बनना चाहिए। रेलवे फाटक से अंडर पास बनने से यहां पर दुकानदारों को नुकसान होगा। रेलवे को चाहिए कि वो झरना पुल के पास से अंडर पास का निर्माण करें। यहां से अगर निर्माण न हो तो उचाना कलां को जाने वाली जींद की तरफ मानव रहित फाटक से अंडर पास का निर्माण किया जाना चाहिए। यहां पर काफी समय पहले अंडर पास को लेकर निर्माण सामग्री आई थी, लेकिन बाद में वो जुलाना के पास मानव रहित फाटक के अंडर पास की होने की बात कह कर वापस ले गए।
फसल के सीजन में लगता है जाम
श्योकंद ने कहा कि फसल के सीजन में यहां सबसे अधिक परेशानी होती है। कई बार तो अगली ट्रेन आने का समय हो जाता है, लेकिन जाम रहता है। जाम लगने से यहां पर दुकानदारों की दुकानदारी भी प्रभावित होती है। इसलिए यहां पर अंडर पास सबसे जरूरी है।