किसानों को पैदल यात्रा को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए नरवाना नहर पुल के पास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। मौके पर कंक्रीट के पक्के बैरिकेड्स, वाटर कैनन और वज्र वाहन खड़े कर दिए गए हैं।
किसान संगठनों के खनौरी दाता सिंहवाला बॉर्डर से दिल्ली के जंतर-मंतर के लिए शुरू होने वाले पैदल मार्च को लेकर जींद जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद हो गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नरवाना नहर पुल और बॉर्डर क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
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51 किसानों का जत्था करेगा कूच
गैर-एसकेएम किसान संगठनों की इस पैदल यात्रा का नेतृत्व किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल कर रहे हैं। यात्रा में 51 मुख्य किसानों के साथ करीब 200 अन्य किसान भी पैदल चलेंगे, जिसका 29 अगस्त को दिल्ली जंतर-मंतर पहुंचने का कार्यक्रम तय किया गया है।
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पुलिस की कड़ी नाकेबंदी
पैदल यात्रा को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए नरवाना नहर पुल के पास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। मौके पर कंक्रीट के पक्के बैरिकेड्स, वाटर कैनन और वज्र वाहन खड़े कर दिए गए हैं। किसान नेताओं के अनुसार, यह यात्रा आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसान शुभकरण की स्मृति में निकाली जा रही है। इसके तहत किसानों की लंबित मांगों के साथ-साथ भारत-अमेरिका ट्रेड डील को रद्द करने जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे।
किसानों की चेतावनी
किसान नेताओं ने दो टूक कहा है कि यदि पुलिस-प्रशासन ने यात्रा को रोकने का प्रयास किया, तो किसान उसी स्थान पर अनिश्चितकालीन धरना और प्रदर्शन शुरू कर देंगे। इसके अलावा हरियाणा की विभिन्न खापों का समर्थन जुटाने के लिए उन्हें भी ज्ञापन सौंपे जाएंगे।