क्षेत्र के गांव देवरड़ में महिलाओं ने पानी की किल्लत को लेकर जलघर को ताला जड़ दिया। महिलाओं का कहना है कि उनकी यह समस्या एक दो महीने से नहीं बल्कि 15 सालों से है। पेयजल किल्लत को लेकर और प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर मंत्रियों तक भी मिल चुके हैं, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस और सरपंच के आश्वासन के बाद ही महिलाएं शांत हुई। रविवार को सैकड़ों महिलाएं पानी की किल्लत को लेकर जलघर पहुंची और प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
इसके बाद महिलाओं ने जलघर को ताला जड़ दिया। सविता, सोनिया, उषा, कृष्णा, भतेरी, संतोष का कहना है कि जब से गांव में जलघर बना है एक दिन भी उन्हें पानी नही मिला है। उनका कहना है कि पूरे गांव में पाइप लाइन ही नहीं बिछाई गई है। कई बार वे पानी की समस्या के बारे में प्रशासन को भी अवगत करवा चुके हैं। लेकिन आश्वासन के अलावा उन्हें कुछ भी नही मिला। गांव में करोड़ों रुपये की लागत से बना जलघर ग्रामीणों के लिए सफेद हाथी साबित हो रहा है। जलघर पर ताला जड़ने की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और जलापूर्ति विभाग के अधिकारियों से बातचीत की। गांव के सरपंच ने कहा कि शाम को गांव में पंचायत बैठक करेगी और पेयजल किल्लत का समाधान निकाला जाएगा। इस आश्वासन के बाद ही महिलाएं जलघर का ताला खोलने को तैयार हुईं।
देवरड़ गांव में पेयजल की किल्लत को देखते हुए एक अलग ट्यूबवेल लगवाने के लिए मसौदा तैयार कर भेजा जा चुका है। पुराना ट्यूबवेल फेल हो गया है। इस कारण लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जल्द ही नया ट्यूबवेल लगवाया जाएगा और लोगों की समस्या का समाधान किया जाएगा। -नरेंद्र लाठर, जेई, जलापूर्ति विभाग, जुलाना