करीब ढाई दशक से अधर में लटके जींद के बाईपास के निर्माण का रास्ता अब साफ हो गया है। गुजरात की एक कंपनी ने चार लेन बाईपास सहित 70 किलोमीटर लंबे मार्ग के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है। पंजाब सीमा से किनाना गांव तक के इस चार लेन प्रोजेक्ट पर 552 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बाईपास शहर की सबसे बड़ी मांगों में से एक है। इस परियोजना पर पिछले करीब ढाई दशक से काम चल रहा है, लेकिन यह अलग-अलग कारणों लटकता रहा। आखिरकार अब बाईपास के लिए 552 करोड़ रुपये का टेंडर जारी हो गया है। इसके बनने से ट्रैफिक जाम से परेशान लोगों को राहत मिल सकती है।
शहर के अंदर से निकलते हैं भारी वाहन
दरअसल शहर का बाईपास नहीं होने से भारी वाहन भी शहर के अंदर से ही निकलते हैं। इससे जहां शहर में जाम की स्थिति बनी रहती है, वहीं दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
जिला के विकास को मिलेगी गति
यह परियोजना जींद के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है, लेकिन लंबे समय से लटकी पड़ी है। इससे जिला का विकास भी प्रभावित हो रहा है। आसपास के शहरों में जींद ही ऐसा है, जिसका बाईपास नहीं है। बाईपास बनने से यातायात की बेहतर सुविधा होगी और यहां उद्योग भी आएंगे।
बस स्टैंड के काम में आएगी तेजी
पिंडारा गांव में बनने वाले नए बस स्टैंड का काम भी बाईपास के बिना ढीला चल रहा है। दरअसल नया बस स्टैंड बाईपास पर ही बनेगा और इससे दूसरे शहरों की कनेक्टिविटी बनेगी। बाईपास के निर्माण से बस स्टैंड के निर्माण में भी तेजी आएगी। -नीलम सिंह रोहिला, शिक्षक।
पिछड़ापन होगा दूर
बाईपास के निर्माण के साथ ही जींद चार लेन मार्ग से दिल्ली से जुड़ जाएगा। इससे क्षेत्र का पिछड़ापन दूर होगा। इस रास्ते से पंजाब की बेहतर कनेक्टिविटी होगी। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। आने वाले दिनों में जींद को इसका लाभ मिलेगा। -सुनील वशिष्ठ, अन्ना टीम सदस्य।
कंपनी ने शुरू किया काम
बाईपास की परियोजना का काम शुरू हो गया है। यहां कंपनी ने सर्वे शुरू कर दिया है। 552 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बाईपास सहित 70 किलोमीटर लंबे मार्ग का निर्माण दो साल में होना है, इसे निर्धारित समय में पूरा कर लिया जाएगा। -आरके राठी, एक्सईएन एनएचएआई, हिसार।