केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने रविवार को यहां एक कार्यक्रम में मजाक के लहजे में सोनीपत के सांसद रमेश कौशिक को बावली बूच क्या कहा, इससे ब्राह्मण समाज रुष्ट हो गया। समाज के लोगों ने नेहरू पार्क में बैठक कर भाजपा आलाकमान से मामले में कार्रवाई की मांग की है। दूसरी तरफ बीरेंद्र सिंह और रमेश कौशिक दोनों ने ही कहा है कि वे पुराने मित्र हैं। जो बात कही गई वह सिर्फ मजाक थी और कुछ नहीं।
अखिल भारतीय ब्राह्मण आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिराम दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कौशिक खाप के प्रधान बलवान, ब्राह्मण सभा के संरक्षक मास्टर तेलूराम, मैनेजर श्रीराम वत्स, रामफल पेगां, रामगोपाल शास्त्री, बलजीत शर्मा, प्रेमचंद शास्त्री, डॉ. वेदप्रकाश कौशिक, रामभगत, महेश कौशिक, सोनू सहित ब्राह्मण समाज के लोगों नेे केंद्रीय मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। हरिराम दीक्षित ने कहा कि केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह समाज की बेइज्जती की है।
ब्राह्मण समाज का होने के साथ-साथ रमेश कौशिक देश की सबसे बड़ी पंचायत के सदस्य भी हैं। भाजपा आला कमान को अपने केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह की बेलगाम जुबान को रोकना चाहिए। दीक्षित ने कहा कि अगर बीरेंद्र सिंह को मुख्यमंत्री बनना है तो पहले उनको चौधरी देवीलाल के गुणों को धारण कर उनकी नीतियों पर चलना होगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि अगर जल्द ही बीरेंद्र सिंह सार्वजनिक रूप से अपने कथन को लेकर समाज से माफी नहीं मांगते हैं तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। इसके लिए भाजपा के राष्ट्रीयध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी शिकायत भेजेंगे।
मैंने दुर्भावना से नहीं, मजाक में कहा था : बीरेंद्र सिंह
केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा है कि रमेश कौशिक मेरे आज से नहीं, बहुत पुराने मित्र हैं। मैंने किसी दुर्भावना से ही, मजाक में ऐसा कहा था। देसी भाषा में सामान्यतौर पर इस प्रकार के शब्द कहे जाते हैं। इसको मुद्दा बनाना गलत है।
बीरेंद्र सिंह सीनियर साथी, मजाक में कही बात का बतंगड़ क्यों
सांसद रमेश कौशिक ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बीरेंद्र सिंह सीनियर साथी हैं। मजाक में कुछ कह दिया। इसमें रोष वाली क्या बात है। कौन मीटिंग कर रहा है, उन्हें कुछ नहीं पता और न ही कोई टिप्पणी करना चाहते हैं।