नवनियुक्त जेबीटी अध्यापकों का सोमवार को नागरिक अस्पताल में मेडिकल नहीं होने पर हंगामा किया। नागरिक अस्पताल प्रशासन ने 65 अध्यापकों के मेडिकल कागजात लेने के बाद अन्य को मना कर दिया। वहीं, अध्यापक मेडिकल करवाने की बात पर अड़ गए। इसके बाद जेबीटी अध्यापक डीआरडीए में पहुंचकर डीसी विनय सिंह से मिले। इस पर डीसी ने कहा कि एक दिन में केवल 65 अध्यापकों के ही मेडिकल हो सकते हैं, इसलिए तीन दिन तक मेडिकल चलेंगे। मंगलवार से मेरिट के आधार पर लिस्ट लगा दी जाएगी और उसकी के आधार पर अध्यापकों का मेडिकल करवाया जाएगा। जो मेरिट में होगा, सबसे पहले उसी का मेडिकल किया जाएगा। इसलिए तीन दिन में सभी का मेडिकल हो जाएगा। इसके बाद जेबीटी अध्यापक शांत होकर चले गए।
जिले में 207 जेबीटी अध्यापकों को ज्वाइनिंग करनी है। ज्वाइनिंग से पहले सभी जेबीटी अध्यापक नागरिक अस्पताल में मेडिकल करवाने पहुंचे। यहां सभी जेबीटी अध्यापक एक ही दिन में अपना मेडिकल करवाने की जिद पर अड़ गए। अस्पताल प्रशासन ने एक चिकित्सक को बाहर से बुलाकर जेबीटी अध्यापकों का मेडिकल करवाने का काम शुरू किया। इसके बाद भी जेबीटी अध्यापक नहीं माने और एक ही दिन में सभी का मेडिकल करवाने की बात पर अड़े रहे और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया ने कहा कि एक दिन में केवल 60-65 लोगों का ही मेडिकल हो सकता है। इससे ज्यादा का नहीं हो सकता। इसके बाद सभी जेबीटी अध्यापक डीआरडीए परिसर में पहुंचे और डीसी विनय सिंह के सामने अपनी समस्या रखी।