पांच साल पहले मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद जींद के मेडिकल कॉलेज को दो चरणों में निर्माण की एडमिनिस्ट्रेटिव स्वीकृति मिल गई है। मेडिकल एजूकेशन एवं शोध विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने इसका पत्र निदेशक को भेजा है। इसका पत्र मेडिकल कॉलेज का निर्माण करने वाले लोकनिर्माण विभाग को भी मिल गया है।
लोक निर्माण विभाग ने 24 एकड़ में बनने वाले मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए दो चरण का प्रस्ताव भेजा है। प्रथम चरण में 524.23 करोड़ रुपये खर्च होने हैं तो दूसरे चरण के निर्माण कार्यों पर में 139.63 करोड़। इस पूरे बजट को अब स्वीकृति मिल गई है। मेडिकल कॉलेज में कुल 16 प्रकार के काम होने हैं। इनमें टीचिंग अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, गर्ल्स एवं इंटर्नल हॉस्टल, ब्वॉयज एंड इंटर्नल हॉस्टल, जूनियर व सीनियर रेसीडेंट, नर्सिंग कॉलेज व हॉस्टल, निदेशक निवास, टाइप दो से पांच तक के निवास, गेस्ट हाउस व शॉपिंग सेंटर, शवगृह, पुलिस थाना, सब स्टेशन, केंद्रीय कर्मशाला, कचरा प्रबंधन भवन, खेल परिसर शामिल हैं।
सरकार से इस परियोजना को एडमिनिस्ट्रेटिव स्वीकृति मिल गई है। इसका सीधा अर्थ है कि प्रस्ताव में भेजी गई राशि को स्वीकार किया गया है। इसका टेंडर हो चुका है और अगले दो से तीन महीने में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
नवनीत नैन, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी बीएेंडआर।