अपने माता-पिता के इकलौते बेटे प्रदीप नैन वर्ष 2015 में पैरामिलिट्री कमांडो के रूप में भर्ती हुए थे। सेना में तैनात होने के साथ ही उन्होंने स्नातक की डिग्री हासिल की थी।
दक्षिण जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले के मुदरघम इलाके में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में जींद जिले के जाजनवाला गांव निवासी 28 वर्षीय प्रदीप नैन बलिदान हो गए। जैसे ही यह सूचना परिवार और ग्रामीणों को मिली तो पूरा गांव शोक में डूब गया। प्रदीप नैन का पार्थिव शरीर सोमवार को गांव पहुंचेगा, जहां पर उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रदीप नैन बलवान सिंह के इकलौते बेटे थे।
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रविवार को बलिदानी प्रदीप नैन के घर पैरामिलिट्री कमांडो के सीनियर अधिकारी पहुंचे और उनके माता-पिता को ढांढ़स बंधाया। शनिवार को सेना ने पिता बलवान सिंह को उनके बेटे प्रदीप नैन के आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में बलिदान होने की सूचना दी थी। प्रदीप के बलिदान होने की जानकारी मिलते ही उनके घर लोगों का जमावड़ा लग गया। बलिदानी प्रदीप ने 12वीं कक्षा के बाद 2015 में आर्मी ज्वाइन की थी।