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दुनिया के 30 सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में जींद भी

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रोहतक रोड पर चल रहे निर्माण कार्य के कारण उड़ रही धूल। - फोटो : Jind
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प्रदूषण के लिहाज से जींद शहर दुनिया के 30 सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हो गया है। इससे अधिकारियों ने अब बढ़ रहे प्रदूषण के कारण पता लगाने की योजना बनाई है। हालांकि पिछले साल गर्मियां में जींद का एक्यूआई 500 तक पहुंच गया था, जो इस बार भी बढ़ने लगा है। जींद जिले में उद्योग नहीं होने के बावजूद इस प्रकार बढ़ रहे प्रदूषण ने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि जिले में प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण जिले में चल रहे विकास कार्यों को माना जा रहा है। इसमें नियमों का पालन नहीं हो रहा है।
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दरअसल जींद शहर में चारों ओर विकास कार्य चल रहे हैं, जिसकी वजह से धूल के कण उड़ते रहते हैं। इसके चलते ही प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। पिछले साल भी इसी प्रकार प्रदूषण बढ़ा था, लेकिन मार्च में लगे लॉकडाउन के बाद एक्यूआई सामान्य तक पहुंच गया था। लॉकडाउन खुलने के साथ ही फिर प्रदूषण बढ़ने शुरू हो गया था। धान की कटाई के बाद पराली जलाने को भी प्रदूषण का मुख्य कारण माना जाता है, लेकिन इस समय किसी भी प्रकार के फसल अवशेष नहीं जलाए जा रहे हैं।
एक सप्ताह का प्रदूषण स्तर
तारीख औसत एक्यूआई अधिकतम एक्यूआई
10 मार्च 193 305
11 मार्च 145 303
12 मार्च 169 267
13 मार्च 124 179
14 मार्च 87 103
15 मार्च 118 242
16 मार्च 145 213
17 मार्च 225 287
50 एक्यूआई तक होता है अच्छा
एक्यूआई हवा में मौजूद प्रदूषण के कणों के आधार पर मापा जाता है। इसमें पीएम 10 व पीएम 2.5 दो पैमाने होते हैं। पीएम 2.5 कणों के आकार के आधार पर होता है। एक्यूआई 50 तक ही स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है। 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 औसत, 201 से 300 खराब, 301 से 400 अधिक खराब व 400 से 500 को गंभीर माना जाता है।
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स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है प्रदूषण का स्तर
जिले में प्रदूषण का स्तर 200 के पार है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसका सांस लेने पर फेफड़ों पर असर पड़ता है। कई प्रकार की गंभीर बीमारियां, एलर्जी होने का खतरा रहता है। सांस के रोगियों के लिए यह जानलेवा हो सकता है। ऐसे में मुंह पर कपड़ा रखें और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।
डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस, नागरिक अस्पताल जींद।
प्रदूषण विभाग से करवाएंगे जांच
बुधवार को मीडिया रिपोर्ट में जींद के प्रदूषण स्तर के बारे में जानकारी आई है। यह गंभीर है। सुनिश्चित किया जाएगा कि जहां-जहां काम चल रहे हैं, वहां पानी का छिड़काव हो। मिट्टी के ट्रक व ट्रॉली पर तिरपाल की व्यवस्था करवाई जाएगी। वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पता करवाया जाएगा कि प्रदूषण क्यों बढ़ रहा है। इसके बाद इस पर रोक लगाई जाएगी।
डॉ. आदित्य दहिया, डीसी।
सच्चाई कम
विश्व के 30 प्रदूषित शहरों में जींद के शामिल होने में सच्चाई कम लगती है। जींद में कोई बड़ा उद्योग नहीं है। हां विकास कार्य चल रहे हैं, लेकिन इससे इतना प्रदूषण नहीं हो सकता। वहीं जींद जिले में महज एक ही उपकरण लगा हुआ है। उससे कुछ किलोमीटर के क्षेत्र का ही आकलन हो सकता है। ऐसे में यह रिपोर्ट सही होने की संभावना कम है। इसके बावजूद इसकी जांच की जाएगी।
राजेंद्र शर्मा, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।

रोहतक रोड पर चल रहे काम के कारण बिखड़ी पड़ी मिट्टी। अमर उजाला- फोटो : Jind

नई सब्जी मंडी के पास टूटी हुई सड़क पर वाहनों के गुजरने से उड़ रही धूल। अमर उजाला।- फोटो : Jind

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