गांव छात्तर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगे ताले के सामने खड़ी महिला पिंकी।
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जिले में स्वास्थ्य विभाग में लापरवाही रुकने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार को भी गांव छात्तर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर छुट्टी के टाइम से पहले ही ताला लगाकर चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी नदारद हो गए। इसके बाद डिलीवरी करवाने के लिए पहुंचने वाले लोगों वहां पर चक्कर काटते रहे और बाद में उनको निजी अस्पतालों की तरफ रुख करना पड़ा। गांव मांडी कलां निवासी सुनील की पत्नी पिंकी (गर्भवती) को पेट में दर्द शुरू हो गया। इसके बाद सुनील अपनी पत्नी पिंकी को दिखाने के लिए गांव छात्तर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले गया।
जहां पर मुख्य गेट पर ताला लगा था। जब उसने आसपास आवाज लगाई तो वहां से कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद दर्द से कराह रही पिंकी को अपनी निजी वाहन के माध्यम से निजी अस्पताल की तरफ रुख किया। इस दौरान सुनील ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगे ताले का वीडियो बना लिया। सुनील ने कहा कि एक तरफ से महिलाओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने का दावा किया जा रहा है, वहीं स्वास्थ्य केंद्रों पर ड्यूटी समय से पहले ही ताला लग जाता है। ऐसे में महिलाओं को कैसे उपचार मिल पाएगा। इसके लिए बनाए गए वीडियो के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और विभाग के उच्च अधिकारियों को लिखित में शिकायत देंगे।
दो नर्सों ने किया रिजाइन
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छात्तर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तीन स्टाफ नर्सों की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन उनमें से दो स्टाफ नर्स ने रिजाइन दे दिया। इसके कारण एक स्टाफ नर्स ही ड्यूटी पर तैनात है और वह भी दिन में अपनी ड्यूटी पूरी करके घर पर चली गई। इसके बाद वहां पर कोई भी कर्मचारी तैनात नहीं है।
सोमवार तक होगा समाधान
सामान्य अस्पताल उचाना के चिकित्सा अधिकारी सुशील गर्ग ने बताया कि वह दो स्टाफ नर्स के रिजाइन देने से यह स्थिति बनी है। वहां पर केवल एक स्टाफ नर्स रह गई। इसके कारण वहां पर ताला लग गया है। इसके लिए उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया दिया। सोमवार तक स्टाफ नर्सों को वहां पर तैनात किया जाएगा।