खरकरामजी गांव में जींद-सोनीपत ट्रेन का ठहराव करवाने की मांग को लेकर मंगलवार को छह ग्रामी रेल ठहराव संघर्ष समिति डीसी विनय सिंह से मिलने पहुंची। संघर्ष समिति ने जिला प्रशासन के माध्यम से रेलवे से खरकरामजी गांव में ट्रेन के ठहराव को लेकर चल रही प्रक्रिया की जानकारी मांगी है। छह ग्रामी रेल ठहराव संघर्ष समिति के संयोजक कुलदीप ढांडा ने बताया कि 26 जून को जींद-सोनीपत के बीच ट्रेन सेवा शुरू हो चुकी है। ट्रेन के शुभारंभ के दिन सांसद रमेश कौशिक ने ट्रेन को रुकवाकर खरकरामजी गांव में ठहराव करवाने का आश्वासन दिया था।
सांसद के आश्वासन के बाद संघर्ष समिति ने अपना संघर्ष 31 अगस्त तक टाल दिया था। गौरतलब है कि खरकरामजी, सुंदरपुर, बराह कलां, बराह खुर्द समेत छह गांव के ग्रामीणों ने ट्रेन के ठहराव की मांग को लेकर रेलवे लाइन के पास धरना दिया था और छह ग्रामी रेल ठहराव संघर्ष समिति बनाई थी। संघर्ष समिति सदस्यों ने कहा कि सांसद के आश्वासन के बाद करीब ढाई माह बीत जाने के बावजूद ट्रेन ठहराव को लेकर रेलवे की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।
इससे ग्रामीणों में असंतोष फैल रहा है और ग्रामीण दोबारा संघर्ष शुरू करने पर अड़े हैं। संघर्ष समिति ने रेलवे से ट्रेन ठहराव के संबंध में क्या प्रक्रिया चल रही है, इस संबंध में जानकारी देने की मांग की। इस अवसर पर राजबीर कटारिया, महंत सुखबीर दास, श्यामलाल खरकरामजी, समुंद्र सिंह, रमाफल, सुबेसिंह, सतबीर सिंह, रणधीर, सत्यवान, गुलाब मौजूद रहे।