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रैली में व्यस्त किया खेल स्टेडियम, 500 खिलाड़ी अभ्यास से वंचित

Wed, 12 Oct 2016 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
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prepration - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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दुनिया भर में खेल के मैदान पर देश का नाम रोशन करने वाले हरियाणा में ही खेल मंत्री के आदेशों की अनदेखी की जा रही है। इसका खामियाजा खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है। खेल मंत्री अनिल विज द्वारा खेल स्टेडियमों में निजी कार्यक्रम न करवाने के आदेशों को बावजूद शहर का प्रमुख स्टेडियम इन दिनों रैली की तैयारियों में व्यस्त है। वहीं, दूसरे स्टेडियम में पुतला दहन के चलते खिलाड़ी अभ्यास से वंचित हैं। इसके चलते शहर और आस-पास के गांवों से यहां अभ्यास के लिए आने वाले 500 से अधिक खिलाड़ियों में भारी रोष है। उनका कहना है कि मुख्य स्टेडियम दो दिन से रैली के लिए व्यस्त है, जो आगे भी कई दिन तक उन्हें उपलब्ध नहीं हो सकेगा। वहीं, दूसरी तरफ जिला खेल अधिकारी का कहना है कि एक-दो दिन अभ्यास न करने से खिलाड़ियों का कोई नुकसान नहीं होने वाला है।


तीन दिन से जारी रैली की तैयारी
शहर के सफीदों रोड स्थित स्टेडियम पर 15 अक्तूबर को वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में रैली होनी है। इसकी तैयारियां तीन दिन से चल रही हैं। वहीं, अर्जुन स्टेडियम पर रावण दहन को लेकर आयोजकों ने कब्जा किया। इन आयोजनों से खिलाड़ियों की प्रैक्टिस प्रभावित हो रही है। 17 या 18 अक्टूबर को स्टेडियम खिलाड़ियों को मिल पाएगा। ऐसा पहली बार नहीं है जब खिलाड़ियों की अनदेखी की जा रही है। इससे पहले गत माह स्टेडियम में केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह की रैली के आयोजन के दौरान भी एक सप्ताह तक प्रशासन ने स्टेडियम पर कब्जा जमाए रखा था। अब वाल्मीकि जयंती की तैयारियां जारी हैं। एक माह के अंतराल में स्टेडियम में दो बार रैली के आयोजन से महज 10 दिन भी खिलाड़ी यहां ठीक से अभ्यास नहीं कर पाए हैं। इससे खिलाड़ियों में रोष है।
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गांवों से भी आते हैं खिलाड़ी
यूं तो सरकार ने गांवों में खेल स्टेडियम बनाए हैं, लेकिन यहां कोच व अन्य सुविधा नहीं होने के कारण आसपास के गांवों के खिलाड़ी अभ्यास के लिए शहर का ही रुख करते हैं। सफीदों रोड स्थित स्टेडियम में सुबह-शाम प्रतिदिन 500 से अधिक खिलाड़ी विभिन्न खेलों के अभ्यास के लिए आते हैं। अधिकतर गतिविधियां सफीदों रोड स्थित खेल परिसर में ही होती हैं। यहां आए दिन कोई न कोई कार्यक्रम चलता है। ऐसे में खिलाड़ियों की प्रैक्टिस प्रभावित होती है।


पुतला दहन के बाद राख और रैली के बाद सफाई की ओर नहीं ध्यान
दोनों स्टेडियमों में कार्यक्रम के चलते अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। रावण दहन के बाद कई दिनों तक स्टेडियम में राख बिखरी पड़ी रहेगी और इसी तरह दूसरे स्टेडियम में रैली के आयोजन के बाद कई दिनों तक गंदगी बिखरी पड़ी रहेगी। अपना काम निकल जाने के बाद कोई भी आयोजक यहां की सुध नहीं लेगा। इससे खिलाड़ियों को परेशानी होगी। -अमित, खिलाड़ी


बिना अभ्यास के कैसे आगे बढ़ पाएंगे खिलाड़ी
प्रशासनिक अधिकारियों को चाहिए कि स्टेडियम में किसी भी दल को रैली या अन्य किसी कार्यक्रम के आयोजन के लिए मंजूरी नहीं दे। स्टेडियम को केवल खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए रखा जाए। स्टेडियम में बार-बार कार्यक्रमों के आयोजन से खिलाड़ियों का अभ्यास बाधित हो रहा है। ऐसे में बिना अभ्यास के खिलाड़ी किस तरह आगे बढ़ पाएंगे। -मनोज, खिलाड़ी
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एक-दो दिन अभ्यास न करने से खिलाड़ियों का नहीं बिगड़ेगा कुछ
नए स्टेडियम में रैली की तैयारियां होने के कारण खिलाड़ी पुराने स्टेडियम में अभ्यास कर सकते हैं। पुराने स्टेडियम में रावण दहन के लिए एक दिन के लिए मंजूरी दी गई है। साल में एक बार ये त्योहार आता है। रावण दहन के बाद स्टेडियम खाली हो जाएगा। एक-दो दिन अभ्यास नहीं करने से खिलाड़ियों की प्रतिभा पर किसी प्रकार का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। -जुगमिंद्र श्योकंद, जिला खेल अधिकारी, जींद।
 
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