जिले में इस बार उम्मीद से कम, लेकिन निरंतर समय पर हुई बारिश से किसानों को बंपर पैदावार की उम्मीद है। मौसम अनुकूल रहने से धान और कपास की फसल में पिछले साल की तुलना में बीमारी भी काफी कम है।
कृषि विभाग के अनुसार जिले में चाहे औसत से कम बारिश हुई हो, लेकिन परिस्थितियां धान और कपास की फसल के अनुकूल बनी रही।
निरंतर अंतराल पर बारिश होने से तापमान में भी बढ़ोतरी नहीं हुई। इस वजह से कपास की फसल में सफेद मक्खी नहीं आई। पिछले दो साल से सफेद मक्खी की वजह से कपास की फसल में काफी नुकसान हुआ था। चाहे इस बार फसल का रकबा कम हो, लेकिन इसके बावजूद कृषि विभाग अच्छी पैदावार की उम्मीद लगा रहा है। जिले में इस बार 46 हजार हेक्टेयर में कपास की फसल है। वहीं धान का रकबा पिछले साल की तुलना में 1.29 लाख हेक्टेयर था, जिसमें करीब पांच हजार हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है।
जून में कुल बारिश- जींद में 53 एमएम, नरवाना में 58 एमएम, सफीदों में 79 एमएम, जुलाना मेें 27 एमएम, उचाना में 12 एमएम व पिल्लूखेड़ा में 15 एमएम बारिश हुई।
जुलाई में हुई कुल बारिश- जींद में 180 एमएम, नरवाना में 181 एमएम, सफीदों में 169 एमएम, जुलाना में 142 एमएम, उचाना में 105 एमएम व पिल्लूखेड़ा में 80 एमएम बारिश हुई।
अगस्त में कुल बारिश- जींद में 63 एमएम, नरवाना 230 एमएम, सफीदों में 139 एमएम, जुलाना में 89 एमएम, उचाना में 54 एमएम व पिल्लूखेड़ा में 25 एमएम बारिश हुई।
जिले में औसत से कम बारिश हुई, लेकिन धान और कपास की फसल के जरूरत के अनुसार निरंतर अंतराल पर बारिश होती रही। अभी सितंबर माह में हल्की बारिश ही हो सकती है। जमीन में अच्छी नमी है और 15 सितंबर से सरसों की बिजाई शुरू हो रही है। किसान इसका काफी लाभ उठा सकते हैं।
कमल सिंह सैनी, कृषि विकास अधिकारी, जींद।