सामाजिकता की पहल को आगे बढ़ाते हुए अब खाप पंचायतों ने पर्यावरण की रक्षा करने के लिए भी अभियान शुरू किया है। इसके तहत कंडेला गांव में पौधा रोपण अभियान का शुभारंभ किया गया। इस दौरान खाप के प्रधान टेकराम कंडेला ने कहा कि खाप के सभी 28 गांवों में एक हजार पौधे लगाए जाएंगे। इस मौके पर आसपास की कई खापों के प्रतिनिधियों के साथ डीसी विनय सिंह और एसएसपी शशांक आनंद भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में बहतरा खाप के प्रधान केके मिश्रा, एचपीएससी के पूर्व चेयरमैन और सर्वखाप के नेता जनरल डीपी वत्स और टेकराम कंडेला ने कहा कि खापों को हमेशा ही गलत तरीके से देखा गया। खापों को ऑनर किलिंग करवाने वाली संस्था के रूप में बदनाम करने के प्रयास किए गए, लेकिन इसके विपरीत खापें भाईचारे को जोड़ने के लिए हमेशा प्रयासरत रहती हैं। उन्होंने कहा कि अब पर्यावरण की रक्षा करना भी खापों के ही जिम्मे है।
खापों को मिले लोक अदालत का दर्जा
कार्यक्रम के दौरान टेकराम कंडेला ने कहा कि खापों का समाज को जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। बड़े-बड़े विवादों को पंचायत आपसी भाईचारे से निपटा देती हैं। उन्होंने डीसी और एसएसपी की मौजूदगी में मांग की कि खापों को लोक अदालत का दर्जा दिया जाए। साथ ही केंडेला ने केंद्र सरकार से मांग की कि हिंदू विवाह अधिनियम में बदलाव कर एक गोत्र, गांव और गुहांड (साथ लगते गांवों) में शादियों को मान्यता नहीं दी जानी चाहिए।
डीसी और एसएसपी ने दी बच्चों का ख्याल रखने की नसीहत
कार्यक्रम के दौरान डीसी विनय सिंह और एसएसपी शशांक आनंद ने लोगों से अपील की कि वे आपसी भाईचारे को किसी भी कीमत पर बिगड़ने न दें। अपने बच्चों का ख्याल रखें और वे क्या कर रहे हैं, इस पर नजर रखें। एसएसपी ने कहा कि आज प्रतियोगिता का युग है और सफलता प्राप्त करना आसान है। यदि कोई युवा किसी प्रकार का मार्गदर्शन चाहता है, तो वह अधिकारियों से मिल सकता है।
शादियों में फायरिंग पर रोक लगाएगी खाप
कंडेला खाप के प्रधान टेकराम कंडेला ने ऐलान किया कि शादियों में फायरिंग से हादसे होते हैं। अब खाप ने इस पर रोक लगाने का फैसला किया है। साथ ही डीजे पर भी झगड़े होते हैं, ऐसे में डीजे बचाने पर भी रोक लगाई जाएगी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ भी चले आंदोलन
एचपीएससी के पूर्व चेयरमैन जनरल डीपी वत्स ने आह्वान किया कि अब खापों को भ्रष्टाचार के खिलाफ भी अभियान छेड़ना चाहिए। उन्होंने डीसी तथा एसएसपी से कहा कि सचिवालय में बाबू बिना पैसे लिए फाइल को नहीं हिलाते।
उत्तर भारत की खापों के दावे की निकली हवा
हालांकि कंडेला खाप द्वारा कार्यक्रम में उत्तर भारत की खापें जुटाने का दावा किया जा रहा था, लेकिन आसपास की महज आधा दर्जन खापों के प्रतिनिधि ही कार्यक्रम में पहुंचे। यहां तक कि हाल ही में कंडेला खाप से अलग हुई माजरा खाप से भी कोई प्रतिनिधि यहां नहीं पहुंचा। खाप के वक्ता माजरा खाप पर भड़ास निकालने में ही लगे रहे।