जींद-पानीपत मार्ग पर मनोहरपुर गांव के बस स्टॉप पर रोडवेज की बस नहीं रुकने से आक्रोशित छात्राओं ने सोमवार सुबह सड़क पर जाम लगा दिया। छात्राओं ने सरकार तथा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। छात्राओं ने सरकार की बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की योजना को ढकोसला बताते हुए कहा कि जब बेटियों को पढ़ाई के लिए मूलभूत सुविधाएं ही नहीं मिलेंगी, तो ऐसे में बेटियां कैसे पढ़ेंगी। छात्राओं ने एक बस चालक पर दो छात्राओं को बस की साइड मारकर घायल करने का आरोप भी लगाया। इस बीच करीब दो घंटे तक जींद-पानीपत मार्ग पर जाम लगा रहा। बाद में जाम की सूचना मिलने पर जींद डिपो के महाप्रबंधक आरएस पूनिया तथा सदर थाना के कार्यकारी थाना प्रभारी कैलाश चंद्र ने जाम खुलवाया।
घंटों तक करना पड़ता है इंतजार
गांव मनोहरपुर निवासी छात्रा इंदू, मधू, मनीषा, सोनिया, रितू, ज्योति, मुकेश इत्यादि ने बताया कि गांव से काफी संख्या में छात्राएं पढ़ने के लिए जींद जाती हैं। उन्होंने अपने बस पास भी बनवाए हुए हैं। इसके बावजूद रोडवेज द्वारा उन्हें बस की सुविधा नहीं दी जा रही है। वह स्कूल और कॉलेज जाने के लिए सुबह करीब सात बजे बस स्टॉप पर पहुंच जाती हैं, लेकिन कोई भी बस चालक यहां पर बस नहीं रोकता है। स्कूल और कॉलेज जाने के लिए उन्हें कई-कई घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। छात्राओं का कहना है कि इसको लेकर वे कई बार रोडवेज महाप्रबंधक को भी अपनी शिकायत दे चुकी हैं। इसके बावजूद भी उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है।
रोडवेज की बस ने मारी साइड
छात्राओं ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने पानीपत की तरफ से आ रही बस को रुकवाने का प्रयास किया तो चालक ने बस रुकवा रही छात्राओं को साइड मार दी। इससे दो छात्राओं को मामूली चोटें भी आई हैं। छात्राओं ने जाम खुलवाने के लिए पहुंचे अधिकारियों पर भी जमकर भड़ास निकाली। काफी देर तक छात्राओं और अधिकारियों में तू-तड़ाक हुई। बाद में डिपो महाप्रबंधक आरएस पूनिया ने छात्राओं को बस स्टॉप पर बसें रुकवाने के लिए एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाने तथा आरोपी बस चालक के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन देकर छात्राओं को जाम खुलवाने के लिए मनाया। इसके बाद जाकर यातायात बहाल हो पाया।
जब कॉलेज पहुंचते हैं, तब तक हो जाती है देर
जाम लगाई छात्राओं ने सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को ढकोसला बताते हुए कहा कि एक तरफ तो सरकार कन्या भ्रूण हत्या को रोककर बेटियों को बचाने और पढ़ाने का ढोंग कर रही है, लेकिन दूसरी तरफ बेटियों को पढ़ाने के लिए सरकार की तरफ से कोई मूलभूत सुविधाएं मुहैया नहीं करवा रही है। स्कूल और कॉलेजों तक पहुंचने के लिए छात्राओं के लिए बसों की कोई सुविधा नहीं है। ऐसे में भला बेटियां कैसे पढ़ पाएंगी। छात्राओं ने कहा कि जब तक वह स्कूल या कॉलेज पहुंचती हैं तब तक उनके एक-दो पीरियड निकल चुके होते हैं। इसके बाद अध्यापक उन्हें कक्षा में बैठने नहीं देते।
इंस्पेक्टरों की लगाई जाएगी ड्यूटी
जिन बस स्टॉप पर बसें नहीं रुकने की शिकायत आ रही हैं। उन स्टॉप पर स्कूल के समय में बस रुकवाने के लिए एक इंस्पेक्टर की ड्यूटी लगाई जाएगी। वहीं सुबह के समय में स्कूल और कॉलेज जाने के लिए विद्यार्थियों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो इसके लिए लोकल बसों के रूट बढ़ाए जाएंगे। छात्राओं ने जिस बस चालक पर आरोप लगाए हैं, उसकी जांच कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आरएस पूनिया, महाप्रबंधक
जींद, डिपो