पराली जलाने पर किसानों पर लगाए जा रहे जुर्माने के विरोध में मंगलवार को माजरा खाप आ गई। माजरा खाप के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को लघु सचिवालय के बाहर धरना दिया और सरकार को जल्द से जल्द इस फैसले को वापस लेने की मांग की। खाप प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार ने बीमे के नाम पर किसानों के पैसे तो काट लिए, लेकिन मुआवजे अब तक किसानों को नहीं मिला है। बाद में डीसी विनय सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ये रखी मांगें
माजरा खाप के प्रधान महेंद्र सिंह रढाल ने कहा कि सरकार ने पराली फूंकने, कटीले तार खेतों में लगाने पर प्रतिबद्ध लगा दिया है। इसके कारण किसानों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। इसके अलावा फसल बीमा योजना भी किसानों के लिए परेशानी बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि गांव हैबतपुर की पंचायती जमीन पर मेडिकल कॉलेज और ओपीडी बनाई जाए। पंचायत सरकार को मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए जमीन का प्रस्ताव पहले ही दे चुकी है। अधूरे पड़े जींद बाईपास का निर्माण जल्द शुरू करवाया जाए। माजरा खाप के अंतर्गत आने वाले गांवों में विकास कार्य शुरू करवाए जाएं ओर उनके लिए ग्रांट जारी की जाए। गांव पांडू पिंडारा तीर्थ का कुरुक्षेत्र की तर्ज पर अलग बजट अलॉट किया जाए और मेले की सुविधाएं गांव में दी जाएं।
शुगर मिल की पिराई क्षमता को बढ़ाया जाए। जुलानी रोड पर हरफूल जाट के नाम से गेट बनवाया जाए और पंचायत को इसके लिए 20 लाख रुपये की ग्रांट दी जाए। इस मौके पर समुंद्र फोर, महेंद्र जागलान, दलबीर बीबीपुर, रामफल गुलकनी, बीरभान ढुल, प्रकाश, ईश्वर सिंह कंडेला, रामफल कंडेला, जयनारायण जिलेदार, भूपेंद्र जुलानी मौजूद रहे।