पवन कुमार । दो गांवों के विरोध के बीच पिस रहे संडील गांव के किसानों को तमाम प्रशासनिक प्रयासों के बावजूद राहत नहीं मिल रही है। दरअसल मांडी गांव के किसान उनकी बिजली चलने नहीं देते और कैथल जिला के खेड़ी शेरखां गांव के किसान संडील के लिए उनकी ओर से लाइन डलने नहीं दे रहे हैं। इसको लेकर बुधवार को राजौंद के नायब तहसीलदार राजबीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस और बिजली निगम के अधिकारी पहुंचे, लेकिन लोगों के विरोध के चलते यहां काम नहीं हो सकता। अब बृहस्पतिवार को यहां दोबारा लाइन डालने काम शुरू किया जाएगा।
संडील गांव को फिलहाल नगूरां पावर हाउस से बिजली दी जा रही है। यह लाइन मांडी गांव से होकर जाती है। संडील गांव के किसानों का कहना है कि मांडी गांव के लोग उनके गांव में बिजली नहीं चलते देते। इस विवाद को निपटाने के लिए बिजली निगम ने साथ लगते कैथल जिला के खेड़ी शेरखां गांव के फीडर से कनेक्शन करने की योजना बनाई, लेकिन यहां के किसान भी इसका विरोध कर रहे हैं।
मंत्री के आदेश
गांव के किसानों को बिजली नहीं मिलने का मामला जिला परिवेदना समिति की मीटिंग में मंत्री अनिल विज के समक्ष आया था। तब मंत्री ने आदेश दिए थे कि यह सरकारी काम है और किसी को रोकने का हक नहीं है। यदि पुलिस से यह काम नहीं होता, तो सेना बुलवाकर प्रशासन बिजली की लाइन जोड़ें। बुधवार को पुलिस से तो काम नहीं चला, अब प्रशासन क्या करेगा, यह देखने वाली बात है।
ग्रामीणों ने किया विरोध
बुधवार को जब प्रशासनिक अमला यहां पहुंचा, तो कई और गांव भी खेड़ी शेरखां के लोगों के समर्थन में आ गए। इन लोगों का कहना है कि यदि इस फीडर से कनेक्शन दिए जाते हैं, तो उनको कम बिजली मिलेगी।
105 कनेक्शन होंगे
नई व्यवस्था के बाद संडील गांव के कुल 305 में से 105 ट्यूबवेल के कनेक्शन नई लाइन पर आ जाएंगे। इसके लिए कुल 15 पोल लगाए जाने हैं, लेकिन खेड़ी शेरखां के लोग बिजली निगम के लगाए गए पोल ही तोड़ देते हैं।
बुधवार को प्रशासन की टीम गांव में गई थी। इस दौरान लोगों से बातचीत की गई, लेकिन बिजली की लाइन शुरू नहीं हो सकी। खेड़ी शेरखां के लोगों को लगता है कि नई व्यवस्था से उन्हें कम बिजली मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं है। बृहस्पतिवार को दोबारा से यहां काम शुरू करवाया जाएगा।
राजबीर सिंह, ड्यूटी मजिस्ट्रेट और नायब तहसीलदार राजौंद।