फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 10 फीसदी ही सीटें बढ़ीं

Sun, 21 Aug 2016 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
 राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में यूजी प्रथम वर्ष (अंडर ग्रेजुएट) में केवल 10 प्रतिशत सीटें ही बढ़ी हैं। उच्चतर शिक्षा विभाग की तरफ से महाविद्यालय में सीट बढ़ोतरी का नोटिफिकेशन जारी हो चुका है।
महाविद्यालय में इस बार निर्धारित करीब 1400 सीटों पर पांच हजार से ज्यादा विद्यार्थियों ने आवेदन किए थे। इनमें से बीए प्रथम की निर्धारित 500 सीटों पर ढाई हजार से ज्यादा आवेदन आए। प्रदेश सरकार ने पिछले दिनों राजकीय महाविद्यालयों में 20 प्रतिशत सीट बढ़ोतरी की घोषणा की थी। इसके बाद उच्चतर शिक्षा विभाग ने सभी महाविद्यालयों को अपने यहां स्टाफ और कमरों की व्यवस्था देखते हुए सीट बढ़ोतरी के लिए डिमांड भेजने को कहा था। जुलाना और नरवाना के राजकीय महाविद्यालयों में तो पिछले दिनों 10 प्रतिशत सीट बढ़ोतरी का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। वहीं अभी हाल ही में जिला मुख्यालय पर स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय और महिला महाविद्यालय में 10 प्रतिशत सीट बढ़ोतरी का नोटिफिकेशन जारी किया गया है।
विज्ञापन


150 नए दाखिले होंगे,
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में यूजी और पीजी में चार हजार से ज्यादा विद्यार्थी हैं। फिलहाल महाविद्यालय में कुछ कक्षाएं बाहर लग रही हैं और स्टाफ की कमी है। महाविद्यालय में निर्धारित करीब 125 पदों पर केवल 39 नियमित प्राध्यापक हैं। वहीं 85 पदों पर एक्सटेंशन पर स्टाफ की भर्ती की जा रही है। अब 10 प्रतिशत सीट बढ़ोतरी के बाद 150 विद्यार्थियों के नए दाखिले होंगे। महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार पहले से ही कक्षाएं लगाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है, तो 20 प्रतिशत सीट बढ़ोतरी के बाद विद्यार्थियों को कहां बैठाएं।
विज्ञापन


10 प्रतिशत सीट बढ़ोतरी का नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। 23 अगस्त को मौके पर शारीरिक रूप से उपस्थित विद्यार्थियों को मेरिट के आधार पर दाखिला दिया जाएगा। महाविद्यालय में पहले से ही स्टाफ और कक्षाएं लगाने के लिए कमरे कम हैं। ऐसे में 20 प्रतिशत सीटों पर दाखिले संभव नहीं हो पाते। स्टाफ को बढ़ाने के लिए विभाग को डिमांड भेजी गई है।
-आरके हुड्डा, प्राचार्य, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जींद।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें