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जब उपभोक्ता ने बिजली प्रयोग ही नहीं की तो बिल कैसा

Wed, 05 Oct 2016 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
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फोरम में मामले की सुनवाई करते फोरम के चेयरमैन व अन्य सदस्य। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 दक्षिण बिजली वितरण निगम के रेस्ट हाउस में मंगलवार को बिजली निगम की उपभोक्ता फोरम का आयोजन किया गया। उपभोक्ता फोरम में तीन उपभोक्ताओं की शिकायत पर सुनवाई हुई। इनमें से दो शिकायतें बिलिंग से संबंधित तथा एक शिकायत ट्यूबवेल लाइन से कनेक्शन बदलवाने की थी। फोरम के चयेरमैन आरवी बारी, मेंबर एमएम गुप्ता, सतीश मलिक, चेयरमैन के पीए जीतराम तथा नोडल अधिकारी दिनेश शर्मा मामले की सुनवाई के लिए पहुंचे। सुनवाई के दौरान फोरम ने एक मामले में उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया तथा दो अन्य शिकायतकर्ताओं को सुनवाई के लिए अगली तारीख दे दी।


चेयरमैन आरवी बारी ने बिलिंग से संबंधित एक मामले की सुनवाई करते हुए अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि जब उपभोक्ता ने बिजली प्रयोग ही नहीं की तो उसे निगम ने बिल किस आधार पर भेज दिया। सफीदों के कुरड़ गांव निवासी राकेश कुमार ने उपभोक्ता फोरम में दी शिकायत में बताया कि उसने जनवरी 2014 में निगम के अधिकारियों अपना मीटर बंद करवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, जिसके आधार पर निगम के अधिकारियों ने जनवरी माह में ही उसका मीटर उतार लिया था। इसके बाद मार्च 2014 में उसे निगम की तरफ से बिल भेज दिया गया, जब इसके बारे में उसने निगम कार्यालय से पता किया तो उसे बताया गया कि यह बिल उसकी पिछली रीडिंग का है। इसलिए उसे यह बिल भरना होगा।
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निगम के अधिकारियों के कहने पर उसने वह बिल भर दिया। इसके बाद सितंबर 2014 में उसे निगम ने फिर से बिल भेज दिया, तो उसने निगम के एसडीओ को इसकी शिकायत दी। शिकायत के आधार पर जब एसडीओ ने जांच करवाई तो सामने आया कि उसके घर पर तो मीटर था ही नहीं। इसके बाद उसे कहा गया कि उसका मीटर जमा कर लिया गया है और अब उसे दोबारा से बिल नहीं भरना होगा। इसके बाद जनवरी 2016 में निगम द्वारा उसे फिर से 9340 रुपये का बिल भेज दिया।

बिल माफी के लिए उसने कई बार निगम के अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर लगाए, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। फोरम के चेयरमैन ने मामले की सुनवाई करने के बाद निगम के अधिकारियों को फटकार लगाई कि जब उपभोक्ता ने जनवरी 2014 में ही अपना मीटर बंद करवा दिया था और इसके बाद उसने बिजली प्रयोग ही नहीं कि तो निगम ने उसे किस आधार पर इतना बिल भेजा है। फोरम के सदस्यों ने पीड़ित व्यक्ति के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उसका पूरा बिल माफ करने के आदेश दिए। वहीं फोरम के सामने बिलिंग का दूसरा मामला बिशनपुरा गांव में लगे इंडस टावर का पहुंचा, निगम द्वारा टावर के मीटर को खराब दिखाकर तीन लाख रुपये का बिल भेजा गया था।

इसके अलावा एक मामला घिमाना गांव निवासी जयभगवान का था। जय भगवान ने अपने मकान की लाइन को ट्यूवबेल कनेक्शन से हटाकर शहर के साथ जोड़ने के लिए फोरम में शिकायत दी थी। फोरम ने इन दोनों मामलों की सुनवाई के लिए नवंबर माह की दो तारीख दे दी।  
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यह है फोरम में शिकायत करने का तरीका
बिजली निगम की वेबसाइट डीएचबीवीएन से फार्म डाउनलोड करने के बाद फार्म को भरकर तथा फार्म के साथ दिए गए एक एफिडेविट को नोटरी से सत्यापित करवाने के बाद उपभोक्ता फोरम के कार्यालय चेयरमैन सीजीआरएफ, डीएचबीवीएन विद्युत सदन विद्युत नगर, हिसार में इस फार्म को भेज कर अपना शिकायत दर्ज करवा सकता है। इस फार्म की एक कॉपी उपभोक्ता को अपने पास भी रखनी होगी।
 
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