शहर की आठ अवैध कॉलोनी इंपलाइज, धागा मिल, जोगेंद्र नगर, श्योराण कॉलोनी, श्याम नगर एक्सटेंसन, हरीजन कॉलोनी, विजय नगर एक्सटेंसन, न्यू कृष्णा कॉलोनी के लोगों के लिए एक अच्छी खबर यह है कि जल्द ही इन आठ कॉलोनियों को वैध किया जाएगा। इसके लिए नगर परिषद ने अपनी कार्य योजना तैयार कर जिला नगर योजनाकार कार्यालय को भेज दी है। जल्द ही जिला नगर योजनाकार कार्यालय की तरफ से मंजूरी मिलने के बाद कॉलोनियों को वैध करने के लिए सरकार के पास भेजा जाएगा। सरकार की तरफ से इन कॉलोनियों को वैध किए जाने के बाद यहां मूलभूत सुविधाएं मुहैया हो पाएंगी। इससे कॉलोनियों के विकास को गति मिलेगी।
इन-इन कॉलोनियों को मिलेगी सौगात
1974 तक जींद जिले में कुल 43 कॉलोनियां वैध थी। इसके बाद कांग्रेस सरकार ने 65 कॉलोनियों को वैध किया था। अभी तक शहर में कुल 108 कॉलोनियां वैध हो चुकी हैं। इसके अलावा अब इंपलाइज, धागा मिल, जोगेंद्र नगर, श्योराण कॉलोनी, श्याम नगर एक्सटेंसन, हरीजन कॉलोनी, विजय नगर एक्सटेंसन, न्यू कृष्णा कॉलोनी इन आठ कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया चल रही है। इन आठ कॉलोनियों के वैध किए जाने के बाद शहर में 116 कॉलोनी वैध हो जाएंगी।
कई वर्षों से था इंतजार
कॉलोनी को स्थापित हुए काफी लंबा समय बीत गया है। काफी लंबे समय से लोग कॉलोनी को वैध करवाने की मांग कर रहे थे। अब जाकर कॉलोनी के लोगों की मांग पूरी होती दिख रही है। -अजीत सिंह, विजयनगर
मिलेंगी मूलभूत सुविधाएं
अवैध कॉलोनी होने के कारण यहां के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। वैध होने के बाद से कॉलोनी में सीवरेज, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं मिल जाएंगी। इससे कॉलोनी के लोगों को काफी राहत मिलेगी। -सतीश बूरा, इंपलाइज कॉलोनी
नक्शा तैयार, सभी प्रक्रिया पूरी
जिले की इंपलाइज, धागा मिल, जोगेंद्र नगर, श्योराण कॉलोनी, श्याम नगर एक्सटेंसन, हरीजन कॉलोनी, विजय नगर एक्सटेंसन, न्यू कृष्णा कॉलोनी को वैध करवाने के लिए नक्शा इत्यादि तैयार कर सभी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी हैं। फाइल को मंजूर करवाने के लिए जिला नगर योजनाकार कार्यालय भेजा दिया गया है। -बीएन भारती, ईओ नगर परिषद, जींद
जल्द सरकार को भेजेंगे
नगर परिषद की तरफ से कुछ कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया पूरी कर फाइल उनके कार्यालय में भेजी गई है। जल्द ही इस फाइल की जांच कर व सभी कागजी कार्रवाई पूरी कर कॉलोनियों को वैध करवाने के लिए सरकार के पास भेज दिया जाएगा। -रामकुमार, जिला नगर योजनाकार, जींद