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शहर को कचरे के कुप्रबंधन से मिलेगी निजात

Tue, 25 Apr 2017 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
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हांसी रोड पर लगे कूड़े के ढेर। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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घरों से निकलने वाले कचरे से जूझ रहे जींद शहर को अब राहत मिल सकती है। इसके लिए प्रशासन हांसी रोड पर वर्तमान डंपिंग साइट पर ही ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र लगाने की योजना बनाई है। इसके लिए डीसी विनय सिंह ने नगर परिषद से रिपोर्ट मांगी है। इससे लोगों को खुले में पड़े कचरे से निजात मिल सकेगी।
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दरअसल नगर परिषद ने शहर में कचरा प्रबंधन के लिए व्यवस्था कर रखी है। इसके तहत घर-घर से कचरा उठाने के लिए टेंडर दिया गया है। घरों से कचरा निकालकर ये लोग शहर में अलग-अलग जगह बनी 39 साइट्स पर कचरे को डाल देते हैं। यहां कचरा आने बाद तमाम मुश्किलें शुरू हो जाती हैं। कारण है कि नगर परिषद के पास यह कचरा डालने के लिए कोई उचित जगह का न होना। हालांकि हांसी रोड पर रेलवे लाइन पास कचरा डाला जा रहा है, लेकिन यहां खुले में कचरा डालने से आसपास के लोगों को काफी परेशानी हो रही हैं।

वर्षों पुरानी योजना अधर में
शहर के कचरे को एक आधुनिक प्लांट में डालकर इसको निरस्त करने की योजना प्रशासन करीब पांच साल पहले बनाई गई थी, लेकिन यह सिरे नहीं चढ़ पाई है। इसके लिए पहले रामराये गांव में जमीन देखी गई, लेकिन ऐन मौके पर इस जमीन का सौदा नहीं हो सका। इसके बाद नरवाना रोड पर दो-तीन बार जमीन की तलाश हो चुकी है, लेकिन कचरा प्रबंधन संयंत्र के लिए जमीन नहीं मिल रही है। लोगों को डर सता रहा है कि यहां कचरा डलने से बदबू आएगी और परेशानी होगी।
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10 करोड़ रुपये का बजट
कचरा प्रबंधन संयंत्र के लिए नगर परिषद के पास करीब 10 करोड़ रुपये का बजट पड़ा है, लेकिन जमीन नहीं मिलने के कारण यह परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही है। संयंत्र के लिए नगर परिषद को करीब 10 एकड़ जमीन चाहिए, जो नहीं मिल रही है। ऐसे में वर्तमान साइट पर ही विकल्प तलाशा जा रहा है। हांसी रोड पर नगर परिषद की करीब 22 एकड़ जमीन पड़ी है।

यह है योजना
कचरा प्रबंधन की योजना के तहत घरों से निकलने वाले कूडे़ को जैविक और अजैविक श्रेणी में बांटा जाएगा। इसमें जैविक श्रेणी में बची हुई सब्जियां, अनाज जैसे सामान को रखा जाएगा। इसके निपटान के लिए अलग से व्यवस्था होगी, जबकि अन्य कचरे को बेहतर तरीके से रिसाइकिल करने की योजना बनाई जाएगी।

अधिकारियों की इच्छा शक्ति की कमी
ऐसा नहीं हो सकता है कि जमीन न मिले। इसमेें अधिकारियों की इच्छा शक्ति की कमी है। जब तक घरों से निकलने वाले कचरे का प्रबंधन नहीं होगा, स्वच्छता का मतलब ही नहीं बनता। अब घरों से निकलकर कचरा बाहर तो जा रहा है, लेकिन यह खुले में ही शहर के पास पड़ा है। इसके लिए प्लांट लगना चाहिए। -सुनील वशिष्ठ, अन्ना टीम


सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए जगह मिलने में काफी दिक्कत आ रही है। लोग जमीन नहीं दे रहे हैं। ऐसे में वर्तमान साइट पर ही प्लांट लगाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए नगर परिषद के अधिकारियों को परियोजना तैयार करने को कहा गया है। जल्द ही योजना पर काम शुरू किया जाएगा।  -विनय सिंह, डीसी
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