पुरस्कार प्राप्त करने के बाद पदमा सिंगला, तीनो महिलाओं के बीच में।
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जिला परिषद चेयरपर्सन की कुर्सी पर अनिश्चितता के बीच पद्मा सिंगला को पंचायत सशक्तिकरण के लिए देश भर में तीसरे स्थान और प्रदेश में प्रथम स्थान पाने के लिए सम्मानित किया गया। पंचायत राज मंत्रालय ने लखनऊ के कार्यक्रम में चेयरपर्सन को सम्मानित किया। गौरतलब है कि जिला परिषद के 26 में से 20 पार्षदों ने डीसी विनय सिंह को चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का शपथ पत्र दिया है और इस पर एक मई को विश्वास मत का फैसला होना है।
केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय ने बेहतर कार्य के लिए देश भर से 24 जिला परिषदों का चयन किया है। इनमें जींद जिला परिषद भी शामिल रहा। पिछले एक साल के कार्य के आधार पर जिला परिषदों, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों को सम्मानित करने का फैसला किया गया।
इसमें देशभर की 24 जिला परिषदों को उनके एक साल में पंचायत सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों, उनके करवाए गए विकास कार्यों, उनके सोशल ऑडिटिंग, कार्यों के महत्व को आधार बनाया गया। सरकार के पंचायती राज मंत्रालय ने देशभर के 22 राज्यों की 24 जिला परिषदों को उनके काम के आधार पर सर्वश्रेष्ठ जिला परिषद के खिताब से नवाजने का फैसला किया था। इसके तहत उन्हें प्रशंसा पत्र के साथ-साथ 50 लाख रुपये की विशेष ग्रांट भी मिली है।
पुरस्कार पर सवाल उठा रहे हैं पार्षद
बेशक जिला की पंचायत को बेहतर कार्य के लिए पुरस्कार मिला है, लेकिन जिला पार्षद इससे सहमत नहीं हैं। जिला पार्षदों ने चेयरपर्सन पर विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाया है। ऐसे में जिला पार्षदों का कहना है कि पंचायत का सशक्तिरण कैसे हो सकता है।
सरकार ने पहचाना काम
जींद जिला परिषद ने प्रदेश में सबसे बेहतर काम किया है। सभी वार्डों में विकास को बराबर महत्व दिया है। इसके कारण ही सरकार ने काम को इनाम दिया है। जो लोग भेदभाव के आरोप लगा रहे हैं, वे राजनीति से प्रेरित हैं। -पद्मा सिंगला, चेयरपर्सन, जिला परिषद।