जींद। जाट आरक्षण आंदोलन में हुए दर्ज मामलों को रद्द करवाने को लेकर मंगलवार को विभिन्न खापों, तपों और सामाजिक संगठनों की बैठक जाट धर्मशाला में हुई। बैठक की अध्यक्षता धनखड़ खाप के प्रधान ओमप्रकाश ने की।
इस दौरान जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान युवाओं पर बने मुकदमों को रद्द करवाने बारे तथा यशपाल मलिक द्वारा नकली समझौता करवाने और मुकदमों में मलिक द्वारा कोई सहयोग न करने, विश्वासघात करके समाज का पैसा ठग कर ले जाने पर चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि समाज की सभी खापों, तपों और समाजिक संगठनों की बैठक रोहतक के जाट भवन में आठ दिसंबर को रखी गई है। साथ ही यह भी निर्णय लिया कि जाट आरक्षण के समय और आंदोलन के दौरान युवाओं पर बने मुकदमों को रद्द करवाने बारे सरकार पर दबाव बनाया जाए और यशपाल मलिक द्वारा बनाये गये ट्रस्ट को रद्द करवाकर दोबारा ठगी करने से रोका जाए।
धनखड़ खाप के प्रधान ने आरोप लगाया कि नकली समझौता करने के बाद यशपाल मलिक पांच वर्ष तक गुम रहा। युवाओं पर बने मुकदमों को रद्द करवाने तथा कोई आर्थिक और नैतिक सहयोग न देकर सरकार की गोद में जा बैठा। उसने केवल अपना मुकदमा रद्द करवा लिया और बाकी सभी मुकदमें आज तक कायम है। मलिक ने सारे समाज का पैसे ठग कर एक ट्रस्ट बनाकर जसिया (रोहतक) दीनबंधु छोटूराम के नाम पर समाज को गुमराह करके दोबारा हरियाणा में आकर दस दिसंबर को जसिया में बैठक करके सरकार की शह पर समाज को ठगने की फिराक में है।
इस अवसर पर हिसार से कृष्ण किरमारा, दलजीत पंघाल, सतबीर सिंह पूनिया, भिवानी से शेर सिंह रतेरा, राज सिंह धनाना, कैथल से भरत सिंह बैनीवाल, ईश्वर सिंह, झज्जर से दिलबाग सिंह दलाल, कप्तान सिंह, रामफ ल गुलिया, विजेंद्र कादायन बेरी (झज्जर), रोहतक से दिलबाग सिंह सिंगपुरा, जयभगवान गदीखेड़ी, महेंद्र प्रधान रेनकपुरा, सोनीपत से राजेंद्र सांगवान, राजेश दहिया, पानीपत से जगबीर राणा, सतरोड़ खाप से सतीश और जींद से डा. दलबीर सिंह, पालाराम बीबीपुर, दलबीर सिंह रेढू, आजाद सिंह दरियावाला, रामकुमार देशवाल, प्यारेलाल देशववाल, बीरभान ढुल, प्रो. बलवान सिंह, छाज्जू राम नैन, चांदरूप मलिक, जयनारायण पिलानिया, किताब सिंह भनवाला, सुभाष फौजी, मनफूल, बारूराम खर्ब, सूरज किरण, हवा सिंह नेहरा, आनंद ढांडा, मदन मलिक, खजान सिंह खटकड़, शमशेर सिंह कासड़ी (सोनीपत), धर्मसिंह जागलान मौजूद रहे।