आरक्षण की मांग को लेकर अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा के सदस्यों ने नरवाना के लघु सचिवालय में सद्बुद्धि अनशन मंगलवार को दूसरे दिन भी धरना जारी रखा।
वहीं महासभा के नेताओं के अनुसार सरकार से बातचीत का आश्वासन मिला है। इसके बाद बुधवार को आगामी आंदोलन का फैसला लिया जाएगा।
दूसरे दिन धरने की अध्यक्षता डॉ. किताब सिंह श्योकंद ने की।
उन्होंने कहा कि जब तब सरकार जाटों को ओबीसी में शामिल नहीं करती। तब तक आदर्श जाट महासभा की लड़ाई जारी रहेगी। सरकार ने जाटों के साथ वादा खिलाफी की है। आरक्षण को लेकर जाट हर कुर्बानी देने को तैयार है।
जाट समाज में आरक्षण छीने पर रोष है। अगर सरकार ने समय रहते उनकी यह मांग पूरी नहीं की तो यह रोष एक बड़े संघर्ष में तब्दील हो सकता है। धरने में सुरेश एडवोकेट, महाबीर मोर, लक्ष्मण मिर्धा, राजेंद्र सहित अन्य जाट नेता मौजूद थे।
सरकार से हुई बात, आज होगी पंचायत
जाट आरक्षण के मुद्दे पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बातचीत का आश्वासन दिया है। इसके लिए भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला बुधवार को बातचीत के लिए धरनास्थल पर ही आएंगे। इस दौरान महासभा ने पंचायत भी बुलाई है। सरकार से बातचीत के बाद पंचायत आगे के आंदोलन पर फैसला करेगी।