अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. रणबीर राठी के नेतृत्व में जाट समुदाय के लोगों डीसी अजीत बालाजी जोशी को ज्ञापन सौंपा।
इन लोगों ने कहा कि सरकार उनका आरक्षण बहाल कर उनका हक दे। ज्ञापन सौंपने के बाद राठी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा जाटों को केंद्र में मिले आरक्षण को लेकर सरकार द्वारा दायर की गई समीक्षा याचिका खारिज हो जाने के बाद भी जाट समुदाय सरकार से संसद में प्रस्ताव लाने की मांग कर रहा है। 27 जुलाई को लघु सचिवालय परिसर के बाहर जाट समुदाय के लोग विभिन्न जाट संगठनों और खाप पंचायतों के बैनर तले जमा होकर डीसी को ज्ञापन देंगे।
इस ज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा सरकार को जाटों को केंद्र में आरक्षण के मसले पर चेताया जाएगा। उन्होंने कहा कि जाटों को आरक्षण नहीं दिया गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे और इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा सहित दूसरे राज्यों में भी जाटों की आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो चली है।
इस मौके पर कृष्ण ढिल्लों, रणजीत चहल, सूरजभान सिहाग, राजेंद्र मलिक, जगदीप बुआना, दलबीर देशवाल, तिलकराज, करनैल सिंह, कर्मचंद चहल, बनी सिंह काजल, रणधीर सहरावत, राजेंद्र राणा मौजूद रहे।