जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेताओं ने सरकार पर जाटों को दबाने का आरोप लगाया है। समिति की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य कैप्टन रणधीर सिंह ने चहल ने कहा कि सरकार जाटों को जितना दबाने का प्रयास करेगी, जाट समाज उतना ही मजबूत होकर आंदोलन करेगा। चहल के अनुसार पांच जून से हर हालत में धरना शुरू होगा जाट धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि जाट आरक्षण के नाम पर सरकार ने धोखा किया है। यदि सरकार इस मामले की मजबूती से पैरवी करती तो जाट आरक्षण पर अंतिम स्टे नहीं होता। उन्होंने कहा कि सरकार केवल झूठ बोलकर जाटों को बहकाने का काम कर रही है।
इस बार के आंदोलन में ऐसा कुछ नहीं होगा, जब तक जाटों की सभी मांगें पूरी नहीं हो जाएंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला प्रधान कैप्टन भूपेंद्र सिंह ने कहा कि समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक पर मामला दर्ज कर सरकार की ओछी मानसिकता को दर्शाता है। यह बदले की भावना से की गई कार्रवाई है। यदि जाटों को इसी प्रकार से दबाने का प्रयास किया गया तो प्रदेश में बड़ा आंदोलन होगा। जाट समुदाय में रोष बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के सांसद राजकुमार सैनी खुलेआम जाट समाज के खिलाफ जहर उगल रहे हैं, लेकिन आज तक सरकार ने सैनी पर कोई कार्रवाई नहीं कि जबकि जाट समाज ने भाईचारा व सद्भावना बनाने का प्रयास किया है। जाट केवल अपने हक के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं।
यह जाटों के हकों को छीनने का प्रयास है, जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। यशपाल मलिक पर जो मामला दर्ज किया गया है, उसमें कोई दम नहीं है। मलिक ने किसी भी जाति विशेष या व्यक्ति विशेष के खिलाफ कोई बयानबाजी नहीं की यह केवल जाट समुदाय को दबाने का एक षड़यंत्र है, जिसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। कैप्टन भूपेंद्र ने कहा कि पांच जून को दिए जाने वाले धरने में अब और अधिक लोग भाग लेंगे। सरकार जितना दमनकारी नीतियों को अपनाएगी, जाट उतना अधिक मजबूत होकर आंदोलन करेंगे। इस मौके पर वीरभान ढुल, कैप्टन वेद प्रकाश, चांदरूप मलिक, बिजेंद्र सिंधु, सूबेदार सतबीर आदि भी इस मौके पर मौजूद रहे।
बातचीत से समाधान निकाले सरकार
इस प्रकार के मामालों का समाधान सरकार को सभी पक्षों के साथ बातचीत करके ही निकालने चाहिए। खाप और जाट नेताओं को भी एकजुट होना चाहिए। अभी यूपी का चुनाव है और इसका केंद्र तथा यूपी में बड़ा दबाव होगा। ऐसे में इस पर ध्यान केेंद्रित करते हुए आंदोलन होना चाहिए।
टेकराम कंडेला, प्रधान कंडेला खाप
सरकार दिखा रही जाटों के खिलाफ मानसिकता
देशद्रोह का केस दर्ज कर सरकार ने जाटों के प्रति अपनी मानसिकता को साफ कर दिया है। जातीय जहर घोलने का काम सबसे पहले सांसद राजकुमार सैनी ने किया है, उनके खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए। इस मामले में अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा शनिवार को नरवाना में बैठक करेगी, इसमें कई राज्यों के पदाधिकारी शामिल होंगे।
डॉ. पवनजीत बनवाला, अध्यक्ष अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा