उपायुक्त एनके सोलंकी ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे गांवों में तालाबों की निशानदेही करवाएं और अगर कहीं अतिक्रमण हुआ है, तो उसे तुरंत हटवाएं। अतिक्रमण करने वालों के साथ कोई रियायत न बरतें। उपायुक्त सोलंकी शुक्रवार को लघु सचिवालय के द्वितीय खंड में ई-दिशा केंद्र के हॉल में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण की समिति की बैठक की अध्यक्षता के दौरान भूना में आए ऐसे मामले को देख रहे थे। इस बैठक में कुल 17 मामले रखे गए, जिनमें से 16 मामलों का निपटारा किया गया।
भूना निवासी रविंद्र, सुरेश, भगवानदास मेहता की शिकायत थी कि रामलीला ग्राउंड स्थित तालाब में पानी का ठहराव रहता है, इससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जे भी कर रखे हैं। इस पर उपायुक्त ने कार्यवाही करते हुए निशानदेही करवाकर कब्जा हटवाने के निर्देश दिए।
जन स्वास्थ्य विभाग को भूना में सीवरेज व्यवस्था के लिए प्रस्ताव बनाने के भी आदेश दिए। एक अन्य मामले की सुनवाई में डीसी ने महिला एवं बाल विकास विभाग के लिपिक पर लेट-लतीफी बरतने पर विभागीय कार्यवाही करने के आदेश दिए। जय चंद निवासी ठाकर बस्ती की शिकायत थी कि अपनी बेटी अपना धन योजना के तहत उसे चेक एक साल बाद मिला।
इस मामले की जांच एडीसी से करवाई गई। उपायुक्त ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि लिपिक हरपाल की लापरवाही प्रतीत हुई। इस पर कार्रवाई करते हुए डीसी ने उसे स्पष्टीकरण देने और एक साल का ब्योरा लिपिक से भरवाने के आदेश दिए।
-नसबंदी के बावजूद गई संतान
चिड़िया रानी पत्नी हनुमान निवासी सुंदर नगर की शिकायत थी कि उसकी नसबंदी की गई, उसके बावजूद भी उसे चौथी लड़की पैदा हो गई। इस मामले की सुनवाई करते हुए डीसी ने सरकार की हिदायतों के अनुसार क्षतिपूर्ति के रूप में 30 हजार रुपये की अदायगी करने और महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत मिलने वाली सहायता देने के आदेश दिए।
इसके अलावा लोकसभा निगरानी कमेटी के अध्यक्ष एवं कमेटी सदस्य भारत भूषण मिढ्ढा ने सहायता के रूप में 10 हजार रुपये की राशि चिड़िया रानी को दी।
- नियमित चेकिंग के दिए आदेश
देसराज, मोहन लाल, पंकज आदि निवासी चार मरला कालोनी की शिकायत थी कि उनके मोहल्ला में आवारा बंदरों ने उत्पात मचाया है। इस पर डीसी ने ईओ नप फतेहाबाद और वन्य जीव संरक्षण अधिकारी को आदेश दिए कि बंदरों को पकड़ा जाए ताकि जानमाल का नुकसान न हो। भट्टूकलां निवासी उमेद सिंह की शिकायत पर सुनवाई करते हुए पशुपालन विभाग को खल चूरी के सैंपल के आदेश देते हुए मापतौल अधिकारी को भी नियमित चेकिंग करने के आदेश उपायुक्त ने दिए।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. जेके आभीर, एसडीएम संतलाल पचार, सतीश कुमार, सीटीएम सुरेंद्र पाल, डीएसपी विजय जाखड़, समिति सदस्य वेद फूलां, भारत भूषण मिढ्ढा, जिला परिषद अध्यक्ष गीता नांगली, प्रवीण जोड़ा, रमेश मेहता, भीम लांबा, डॉ. आत्म प्रकाश मेहता, रामराज मेहता, राजपाल बेनीवाल, प्रमोद बेनीवाल, डीडीपीओ राजेश खोथ, कार्यकारी अभियंता सुभाष भांभू, डीडीएएच डॉ. काशी राम, बलवंत सहारण, सतीश जनेवा, जोगेंद्र सिंह, आरएस सबरवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।