जींद। जल शक्ति अभियान के तहत पेयजल के सभी कार्यों में जन भागीदारी बढ़ाने के लिए छह से 22 मार्च तक जल महोत्सव का आयोजन होगा। यह जिले की सभी 300 ग्राम पंचायतों में किया जाएगा।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जिला सलाहकार रणधीर मताना ने कहा कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में छह मार्च से जल महोत्सव पखवाड़ा मनाया जाएगा। इसका मुख्य उद्धेश्य जल आपूर्ति के रखरखाव व प्रबंधन में ग्रामीणों की अधिक से अधिक सहभागिता बढ़ाना है। इस जल महोत्सव पखवाड़ा कार्यक्रम में प्रतिदिन अलग-अलग तरह की गतिविधियां ग्राम स्तर, ब्लाक स्तर, जिला स्तर व राज्य स्तर पर आयोजित की जाएगी।
छह मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का कार्यक्रम पंचायत स्तर, जिला स्तर व राज्य स्तर पर किया जाएगा। इसमें स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा पेयजल को लेकर किए जा रहे सराहनीय कार्य के लिए उन्हें सम्मानित किया जाएगा। नौ मार्च को जल अर्पण दिवस प्रदेश के सभी जिलों की पांच-पांच ग्राम पंचायतों में मनाया जाएगा।
पेयजल की शुद्धता के लिए पेयजल जांच की जागरूकता के लिए 10 मार्च को ब्लाक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित होगा, जबकि 11 मार्च को विश्व प्लंबर दिवस कार्यक्रम ब्लाक स्तर पर आयोजित होगा। इसमें अच्छा कार्य करने वाले पंप ऑपरेटर समेत अन्य कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा।
13 मार्च को ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल जांच का कार्यक्रम होगा जबकि 16 व 18 मार्च को ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्यों को पेयजल आपूर्ति के रख रखाव व प्रबंधन के लिए ग्राम स्तर व ब्लाक स्तर पर ट्रेनिंग दी जाएगी। 22 मार्च को विश्व जल दिवस का कार्यक्रम ग्राम स्तर, जिला स्तर व राज्य स्तर पर आयोजित की जाएगी। जिसमें जल संरक्षण रैली, स्कूल कार्यक्रम व ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा।
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27जेएनडी32: जल महोत्सव को लेकर जानकारी देते हुए रणधीर मताना। स्रोत : विभाग