02जेएनडी12 : तुलसी विवाह में पूजा-अर्चना करती महिलाएं। स्रोत पुजारी
जींद। प्रभु के साथ कोई न कोई संबंध जोड़ कर रहो, ऐसा होने पर हमारे हृदय में सदैव उनकी याद बसी रहेगी। माता वैष्णवी धाम में आयोजित कार्तिक महोत्सव में तुलसी विवाह के अवसर पर तुलसी का विवाह भगवान शालिग्राम के साथ पूर्ण वैदिक विधान से संपन्न हुआ।
आचार्य पवन शर्मा ने कहा कि सजी-संवरी तुलसी व भगवान शालिग्राम का शृंगार उनकी छटा देखते ही बनती थी। सुनीता शर्मा व अनुराधा भोला सपरिवार इस मांगलिक आयोजन के यजमान बने। आचार्य ने कहा जैसे पारिवारिक सदस्यों के प्रति सोते-जागते, उठते-बैठते एक स्थायी संबंध हमारे हृदय में सदैव बना रहता है।
उसी भांति आत्मकल्याण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को भगवान के साथ कोई न कोई संबंध अवश्य जोड़ लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने-अपने कुटुम्ब के लिए तो कौवा और कुत्ता भी जीता है किंतु जीवन उसी का सार्थक है जिसका जीवन परमात्मा के लिए है।
इस अवसर पर सीमा कोचर, संतोष शर्मा, कैलाश गोयल, वीना मदान, नीलम कोचर, लीलावती चोपड़ा, मंजू चौपड़ा और राज छाबड़ा मौजूद रहे।