जींद। नागरिक अस्पताल में महिला की डिलिवरी के समय हुई लापरवाही के मामले की जांच मंगलवार को पूरी हो गई। जांच टीम ने शिकायतकर्ता पक्ष के बयान दर्ज करने के साथ जांच पूरी कर ली है। अब टीम बुधवार को अपनी रिपोर्ट कमेंट के साथ सिविल सर्जन को सौपेंगी। इसके बाद सिविल सर्जन इस पर निर्णय लेंगे कि कार्रवाई किसी पर होनी चाहिए या नहीं।
एक गांव के रहने वाले युवक ने सिविल सर्जन को शिकायत देकर कहा था कि प्रसव पीड़ा होने पर उन्होंने अपनी पत्नी को 21 अक्तूबर को नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। 22 अक्तूबर को उसकी नॉर्मल डिलिवरी हुई थी। दो दिन बाद उनकी पत्नी को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। घर जाने के बाद उनकी पत्नी को तेज दर्द होने लगा। उनकी पत्नी को एहसास हुआ कि उसके शरीर से रूई जैसा कुछ निकल रहा है। इसके बाद परिजन उसे दोबारा नागरिक अस्पताल में लेकर आए। यहां दोबारा से सफाई करने पर पेट से रूई निकली। महिला के पति ने सिविल सर्जन को इसकी शिकायत दी थी। सिविल सर्जन डॉ. गोपाल गोयल ने इस मामले की जांच नागरिक अस्पताल के एमएस डॉ. अरविंद को सौंपी थी। डॉ. अरविंद ने सोमवार को जांच शुरू की थी। सोमवार को चिकित्सक तथा स्टाफ के बयान दर्ज किए गए थे। मंगलवार को शिकायतकर्ता पक्ष के बयान दर्ज किए गए। इसके साथ ही जांच पूरी हो गई।
मामले की जांच पूरी हो गई है। शिकायतकर्ता पक्ष के भी बयान दर्ज किए गए हैं। बुधवार को जांच कमेटी अपनी टिप्पणी के साथ रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंप देगी। इसके बाद आगामी कार्रवाई सिविल सर्जन को करनी है। -डॉ. अरविंद, एमएस, नागरिक अस्पताल, जींद।