जींद। गर्मियों में विद्यार्थियों को लू से बचाने के लिए विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने एडवाइजरी जारी की है। निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी और स्कूल मुखिया को विद्यालय में उपलब्ध रेडक्रॉस फंड से ओआरएस पैकेट्स उपलब्ध करवाने और खिड़कियों को रिफ्लेक्टर से ढक कर रखने के निर्देश दिए हैं।
इस समय गर्मी ज्यादा बढ़ गई है। अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री तक रहता है। ऐसे में विद्यार्थियों की सेहत को ध्यान में रखते हुए निदेशालय ने कहा है कि किसी भी अवस्था में विद्यार्थियों को खुली धूप में नहीं बैठाया जाए। विद्यार्थियों के लिए साफ पीने के पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सभी विद्यालयों में दिन में तीन बार पानी पीने के लिए घंटी बजाई जाए ताकि सभी विद्यार्थी समय अनुसार पानी पी सकें और शरीर में पानी की मात्रा बरकरार रख सकें। विद्यार्थियों के साथ गर्मी से बचने के उपाय के बारे में चर्चा की जाए। आवश्यकतानुसार आयुष विभाग से संपर्क किया जा सकता है। किसी भी आपात स्थिति के संदर्भ में स्थानीय अस्पताल में संपर्क की व्यवस्था की जाए और आपात स्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण लें। उन खिड़कियों और दरवाजों पर जिनसे दोपहर के समय गर्म हवा आती हैं वहां पर्दे लगाकर रखे जाएं। संतुलित, हल्का और नियमित भोजन करें। ऐसी किसी भी स्थिति जब घर से निकलना जरूरी हो तो विद्यार्थी अपने शरीर और सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखें। कक्षा कक्ष से बाहर होने वाली गतिविधियों को जहां तक संभव हो सुबह 10 बजे या इससे पहले पूरा किया जाए।
बढ़ती गर्मी को देखते हुए विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने विद्यार्थियों को लू से बचाव को लेकर एडवाइजरी जारी की है। निदेशालय के निर्देशानुसार विद्यालयों में पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इसके बारे में अवगत करवाया गया है। विद्यार्थियों को गर्मी के मौसम को देखते हुए सभी व्यवस्था की जाएगी।
-डॉ. सुभाष वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी जींद।