10जेएनडी25-सीआरएसयू में हुए कार्यक्रम में मुख्यातिथि को गुरु रविदास की फोटो देते हुए स्टाफ। स्
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में इतिहास और पुरातात्विक विभाग और एससी एसटी सेल के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को संत शिरोमणी गुरु रविदास के 648वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर सेवानिवृत्त एचसीएस अमरजीत सोलंकी, विशिष्ट अतिथि के रूप में घुमंतू जनजाति कल्याण संघ के प्रांत संयोजक सुनील कुमार और सेवानिवृत प्रो. जयनारायण ने शिरकत की।
इस दौरान कुलसचिव प्रो. लवलीन मोहन ने कहा कि गुरु रविदास ने समाज में जातिवाद, भेदभाव और ऊंच-नीच के खिलाफ संघर्ष करते हुए कई समाज सुधार के कार्य किए। हमारा कर्तव्य है कि हम गुरु रविदास के विचारों को अपनाकर एक ऐसे समाज का निर्माण करें, जहां भेदभाव, असमानता और नफरत की कोई जगह न हो। हमें उनके सिद्धांतों पर चलते हुए समाज में समरसता और भाईचारे को बढ़ावा देना है।
अमरजीत सोलंकी ने कहा कि गुरु रविदास के जीवन और उनके विचारों से हमें आत्मसम्मान, समानता और समाज की सेवा की प्रेरणा मिलती है। विशिष्ट अतिथि सुनील कुमार ने कहा कि संत रविदास ने जिस भारत की कल्पना की थी, हमें उनके सपने को साकार करने की तरफ आगे बढ़ना होगा। प्रो. जयनारायण ने कहा कि कभी किसी भी संत ने हमें धर्म और जाति में विभाजित नहीं किया। जन्म के साथ जाति का कोई भी संबंध नहीं है और आपके कर्म से आप आने वाले भविष्य में अपनी पहचान बनाएंगे। नोडल ऑफिसर डॉ. राकेश सिंहमार ने कहा कि जब कोई समाज विकसित होता है तो हजारों साल लग जाते हैं। संत रविदास ने पूरे भारत को एकता के सूत्र में बांधने का प्रयास किया। इस अवसर पर डॉ. अजमेर सिंह भी मौजूद रहे।