डीसी कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते इनेलो के कार्यकर्ता।
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कृषि कानूनों के विरोध में एक बार फिर इनेलो अपने पुराने रूप में दिखी। इनेलो कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर डीसी को ज्ञापन सौंपकर इन कानूनों को वापस लेने की मांग की।
मंगलवार को इनेलो नेता डॉ. महेंद्र सिंह मलिक के नेतृत्व में इनेलो कार्यकर्ताओं ने किसानों को साथ लेकर तीनों विधेयकों का विरोध किया। डॉ. मलिक ने कहा की हम इन कानूनों को कृषि एवं किसानों के हित में तुरंत प्रभाव से सरकार को वापस लेने की अपील करते हैं, क्योंकि इस कानून में सरकार ने संशोधन करके दलहन, तिलहन, आलू और प्याज आदि को इस अधिनियम के दायरे से बाहर करके आम उपभोक्ताओं पर प्रहार किया है। इस संशोधन का सीधा फायदा बड़े-बड़े उद्योगपतियों, कालाबाजारी तथा जमाखोरों को होगा, क्योंकि बिल में हुए संशोधन से भंडारण तथा कीमतों पर कोई अंकुश नहीं लग सकेगा। इससे महंगाई बढ़ने पर आम आदमी का जीना दूभर हो जाएगा। मलिक ने कहा की नए कानून के तहत किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देने के बारे में कोई प्रावधान नहीं किया गया है। इससे औद्योगिक घराने जमाखोरों व कालाबाजारी कर मंडी क्षेत्र से बाहर किसानों की फसल खरीद कर अपने स्टोरों में भंडारण करके मनचाही कीमत पर बेचेंगे, जिस पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं होगा। इस अवसर पर इनेलो जिला प्रधान पूर्व विधायक रामफल कुंडू, सुखविंद्र रेढू, बलवान कुंडू, सुमित्रा देवी, सतीश जैन, बिजेंद्र रेढू, नीरज बुराडहैर मौजूद रहे।