फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शराब ठेका हटवाने को ईंटल में हंगामा

Sun, 09 Apr 2017 12:25 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद
विज्ञापन
जींद में बरवाला मार्ग पर जाम लगा रही महिलाओं को समझाते हुए सदर थाना प्रभारी। - फोटो : jind
विज्ञापन
जिले में रिहायशी कालोनियों में शराब ठेके खोलने पर बवाल बढ़ता जा रहा है। शनिवार को गांव ईंटल कलां में शराब का ठेका खोलने के विरोध में महिलाएं उतर आईं। महिलाओं ने शराब ठेके पर ताला जड़कर जींद-बरवाला मार्ग बाधित कर दिया। महिलाओं का कहना है कि गांव के बीच में शराब का ठेका खुलने से माहौल खराब हो रहा है, लेकिन शराब ठेके को गांव के अंदर से नहीं हटाया जा रहा है। महिलाओं ने कहा कि वे गांव के अंदर किसी भी सूरत में शराब के ठेके को नहीं चलने देगी। जाम की सूचना पाकर एसडीएम सतबीर कुंडू, सदर थाना प्रभारी बलजीत सिंह मौके पर पहुंचे और हंगामा कर रही महिलाओं से बातचीत की। बाद में एसडीएम ने दो दिन के अंदर ठेके को गांव से हटाने का आश्वासन दिया। इसके बाद महिलाएं जाम खोलने को राजी हो गईं। लगभग डेढ़ घंटे तक जींद-बरवाला मार्ग बाधित रहने के कारण वाहन चालकों को दिक्कत उठानी पड़ी। 
विज्ञापन


गांव ईंटल कलां की महिलाएं शनिवार दोपहर को एकत्र होकर गांव के मुख्य मार्ग पर रिहायशी मकानों के पास बने शराब ठेके पर पहुंची। महिलाओं ने ठेके पर पहुंचते ही हंगामा करना शुरू कर दिया और करिंदों को शराब ठेके को बंद करने के लिए कहा। इस दौरान शराब ठेके के करिंदों के बीच में खिंचतान हुई। बाद में महिलाओं ने करिंदों का बाहर निकालकर शराब ठेके पर ताला जड़ दिया। इसके बाद महिलाएं इकठ्ठी होकर जींद-बरवाला मार्ग पर आ गई और मार्ग के बीच में बैठकर जाम लगा दिया। बाद में मौके पर पहुंचे एसडीएम ने महिलाओं को आश्वासन दिया कि दो दिन के अंदर शराब के ठेके को गांव से बाहर कर दिया जाएगा। सुप्रीम के आदेशों के चलते रिहायशी कालोनियों में शराब के ठेके खुलने से यह दिक्कत आ रही है। 

जिले के शराब ठेके के सभी जोन में दिक्कत 
आबकारी विभाग ने शराब के ठेके खोलने के लिए 13 जोन में बांटा हुआ है। प्रत्येक जोन में नौ ठेके बनाए हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आबकारी विभाग की प्लानिंग भी डगमगा गई। विभाग ने जोन के हिसाब से शराब के ठेकों का ड्रॉ तो निकाल दिया, लेकिन ठेके खोलने के लिए जो जगह निर्धारित की गई वह हर किसी के लिए मुसीबत बन गई। रिहायशी कालोनी में शराब के ठेके खुलने के कारण जहां लोगों को इससे आपत्ति है, वहीं ठेके नहीं खुलने से विभाग को प्रतिदिन के हिसाब से राजस्व दे रहे शराब ठेकेदारों के लिए भी मुसीबत बन गई। रिहायशी कालोनियों में बने शराब के ठेके लगभग एक सप्ताह से ज्यादा समय होने के बावजूद आज तक नहीं खुले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


रिहायशी कालोनियों में शराब के ठेके खोलने को लेकर विवाद खड़े हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की आदेशों की पालना करते हुए इस समस्या का समाधान किया जाएगा।
- सतबीर सिंह कुंडू, एसडीएम जींद
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें